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हां, हमने किया था नायब तहसीलदार के दफ्तर में धमाका

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श्रीनगर के पुंछ में विस्फोट करने के आरोपियों को पुलिस ने धर दबोचा।
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पूंछ जिले की मेंढर तहसील के गांव धारघलून स्थित नायब तहसीलदार बालाकोट कार्यालय को एक महीने पूर्व बम विस्फोट से उड़ाए जाने के आरोप में पुलिस ने एक पूर्व आतंकी सहित दो लोगों को पकड़ा है।

आरोपियों में कश्मीर के कुपवाड़ा निवासी पूर्व आतंकी अब्दुल मजीद बट्ट के साथ ही गांव धारघलून का ही रहने वाला मुख्य आरोपी इरफान एहम्मद पुत्र अब्दुल क्यूम ने अपना आरोप कबूल कर लिया है।
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24-25 जून की रात किया था विस्फोट

दोनों आरोपी कुछ दिन पहले जब पहली बार पुलिस की गिरफ्त में आए थे तो कश्मीर घाटी में पत्थरबाजों के सहयोग से पुलिस हिरासत से भाग गए थे।

यह कहना है राजोरी पुंछ रेंज के डीआईजी अशोक कुमार अत्री का, जो मंगलवार को पुंछ थाने में पुलिस की तरफ से आयोजित पत्रकारवार्ता में पूरे मामले की जानकारी दे रहे थे।

एएसपी पुंछ अमित गुप्ता, एसएस पी पुंछ शमशीर हुसैन और डीआईजी अशोक कुमार अत्री ने बताया कि 24-25 जून 2014 की मध्य रात करीब 1.20 बजे मेंढर के गांव धारघलून स्थित नायब तहसीलदार बालाकोट कार्यालय में बम विस्फोट किया गया था।

'पूछताछ में इरफान का नाम पता चला'

मामले में पुलिस ने गुरसाई थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर नम्बर 46/2014 दर्ज कर आरपी सी की धारा 120बी और विस्फोटक एक्ट में मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।

एसएसपी पुंछ की देखरेख में एएसपी अमित गुप्ता की अगुवाई में एक टीम गठित की गई थी, जो दो बातों को ध्यान में रख कर मामले की जांच कर रही थी, क्या विस्फोट आतंकी घटना है या फिर किसी ने निजी स्वार्थ के लिए नायब तहसीलदार कार्यालय पर विस्फोट करवाया है।

पुलिस की जांच आगे बढ़ने पर कार्यालय को स्थानांतरित करवाने का मामला सामने आया और पूछताछ के दौरान आरोपी इरफान का नाम पता चला।
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30 हजार में आतंकी से खरीदा बम

पुलिस ने बताया कि वह पहले नकली नोटों के धंधे में पकड़ा जा चुका है और वह टैक्सी चलाता है। वह पैसे के लिए कुछ भी कर सकता है।

पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो उसने जुर्म कबूल कर ल‌िया। उसे कुछ लोगों ने डेढ़ लाख रुपया देने की बात कही थी और उसे फारूक नाम के एक व्यक्ति ने पैसे दिए थे। पकडे़ जाने तक इरफान को 55 हजार रुपये मिले थे।

जिसमें से उसने पूर्व आतंकी अब्दुल मजीद बट्ट को 30 हजार रुपये देकर उससे विस्फोट के लिए बम प्राप्त किया था। डीआईजी का कहना है क‌ि घटना के मास्टरमाइंड की तलाश अभी जारी है।
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