घाटी में अलगाववादियों द्वारा बुधवार को शोपियां चलो की कॉल को पुलिस ने विफल बना दिया। हुर्रियत (म) के अध्यक्ष मीरवाईज मोलवी उमर फारूक और हुर्रियत (ग) के अध्यक्ष सैयद अली शाह गिलानी को पहले से ही घरों में नज़रबंद किया गया था।
बावजूद इसके उन्होंने पाबंदियों को तोड़ मार्च निकालने की कोशिश की लेकिन पुलिस ने इसे विफल बना दिया। वहीं जेकेएलएफ के अध्यक्ष यासीन मलिक पहले से ही श्रीनगर की सेंट्रल जेल में बंद हैं। जानकारी के अनुसार मीरवाईज मोलवी उमर फारूक निगीन स्थित अपने घर से समर्थकों के साथ शोपियां जाने की कोशिश की।
हालांकि वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें हिरासत लेकर निगीन पुलिस स्टेशन ले गए। पत्रकारों से बात करते हुए मीरवाईज ने कहा कि अफस्पा जैसे कानून की वजह से ही सुरक्षाबलों द्वारा आये दिन निर्दोष लोगों को मौत के घाट उतारा जा रहा है।
दूसरी ओर रेजिस्टेंस लीडरशिप को उनके परिवार वालों के साथ सहानुभूति जताने से भी रोका जा रहा है। वहीं करीब 12.30 बजे सैयद अली शाह गिलानी भी अपने समर्थकों के साथ शोपियां की ओर निकले लेकिन पुलिस द्वारा पहले से उनके घर के बाहर तारबंदी कर दी गई थी। जिसके कारण गिलानी को वापस लौटना पड़ा। जबकि मलिक पहले से ही श्रीनगर की सेंट्रल जेल में बंद हैं।