हुर्रियत (जी) प्रमुख सैयद अली शाह गिलानी के हैदरपोरा स्थित आवास पर अलगाववादियों के सेमिनार को पुलिस ने विफल कर दिया। अलगाववादियों के ज्वाइंट रेजिस्टेंस लीडरशिप (जेआरएल ) की ओर से शनिवार को ह्यूमन राइट्स वायलेशंस इन कश्मीर एंड क्रिमिनल साइलेंस ऑफ वर्ल्ड कम्युनिटी विषय पर सेमिनार का आयोजन किया गया था।
पुलिस ने किसी को भी गिलानी के घर की ओर जाने की अनुमति नहीं दी।इस आयोजन को ध्यान में रखते हुए हुर्रियत (एम) प्रमुख मीरवाइज उमर फारूक को नगीन स्थित घर पर नजरबंद रखा गया। जेकेएलएफ प्रमुख यासीन मलिक 10 दिसंबर के यूएन मार्च को लेकर पहले से ही भूमिगत हो गए हैं।
गिलानी भी कई महीनों से नजरबंद हैं। जेआरएल द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि कश्मीर में सुरक्षाबलों द्वारा मानवाधिकारों का बड़े पैमाने पर उल्लंघन किया जा रहा है। लीडरशिप द्वारा सरकार की कार्यवाही को स्टेट टेररिज्म बताते हुए कहा कि इस रवैये ने यह साबित कर दिया है कि लोकतंत्र के बारे में उनके दावे कितने खोखले हैं।