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जम्मूः सन्न रह गए लोग जब हुआ इस गोलीकांड का हुआ खुलासा, दुश्मन को फंसाने के लिए अपनों का कत्ल

Sat, 25 Apr 2020 10:50 AM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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जम्मू संभाग के घरोटा क्षेत्र में दो महीने पहले सरपंच के घर गोलीकांड और हत्या के मामले में सनसनीखेज खुलासा हुआ है। पुलिस की छानबीन में खुद सरपंच दलबीर सिंह, उसका भाई शंकर सिंह और बहन गीता देवी ही साजिशकर्ता निकले हैं। पुलिस के अनुसार, सरपंच दलबीर सिंह ने अपने भाई और बहन के साथ मिलकर पुरानी रंजिश के चलते बाबा चंचल सिंह व उसके भाइयों को फंसाने की साजिश रची थी।

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पूरी घटना वास्तविक दिखाई दे, इसके लिए सरपंच के मौसेरे भाई को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया गया। वहीं सरपंच और उसकी बहन पर भी रक्षात्मक तरीके से गोली चलवाई गई। पुलिस ने सरपंच दलबीर सिंह, उसके भाई शंकर सिंह और बहन गीता देवी को गिरफ्तार कर लिया है।

इस मामले में झूठे सुबूत दिखाकर पुलिस को गुमराह करने के आरोप में बर्न के सूरम सिंह उर्फ बाबा सूरम को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। शुक्रवार को जम्मू में एसएसपी श्रीधर पाटिल ने प्रेस वार्ता में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम की जांच का खुलासा किया।

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भाई और बहन को रक्षात्मक तरीके से गोली मारी

पाटिल ने कहा कि 25 फरवरी 2020 को मामले की प्रारंभिक सूचना मिली थी जिसमें बर्न के नायब सरपंच सौदागर सिंह और बाबा चंचल सिंह समेत उसके भाइयों पर घर में घुसकर हत्या करने का आरोप लगाया गया। बताया गया कि यह लोग हथियाराें से लैस होकर सरपंच के घर में घुस आए और खून खराबा किया। हमले में सरपंच के मौसेरे भाई कश्मीर सिंह की मौके पर मौत हो गई थी।

एसएसपी ने बताया कि गहराई से जांच करने पर पता चला कि नायब सरपंच सौदागार सिंह और उसके आठ भाइयों को फंसाने के लिए एक फर्जी मामले की साजिश रची गई। इसमें मुख्य आरोपी शंकर सिंह ने मौसेरे भाई को गैर लाइसेंसी 12 बोर की बंदूक से गोली मार कर उसकी हत्या कर दी। भाई सरपंच दलबीर और बहन गीता देवी को रक्षात्मक तरीके से गोली मारकर घायल किया।
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शंकर सिंह ने ऐसे उगल दिया गहरी साजिश का राज

पुलिस ने 2 मार्च को स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम(सिट) का गठन किया तो नए सिरे से जांच में पूरे मामले की हकीकत सामने आ गई। जांच के दौरान शिकायतकर्ताओं के बयान शक के दायरे में आ गए। कड़ी पूछताछ हुई तो शंकर सिंह ने गहरी साजिश का राज उगल दिया। इसके बाद सरपंच दलबीर सिंह और अन्य लोगों ने भी आखिरकार अपना जुर्म कबूल कर लिया। बंदूक भी बरामद कर ली गई है।

सियासी और जमीन की रंजिश
एसएसपी श्रीधर पाटिल ने कहा कि यह सियासी रंजिश और जमीन के झगड़े को लेकर सामने आया यह मामला दुर्लभ में दुर्लभतम श्रेणी का है। एक गुट ने राजनीति और भूमि विवाद के अलावा विरोधी गुट की ओर दर्ज कराए गए मामले का हिसाब चुकता करने के लिए हत्याकांड कर डाला।
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