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‘नेकां नेताओं को नारबल जाने से नहीं रोका’

Tue, 21 Apr 2015 11:49 PM IST
अमृतपाल सिंह बाली/अमर उजाला, श्रीनगर
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मीडिया में खबर आई कि जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा नेशनल कांफ्रेंस के प्रतिनिधिमंडल को सोमवार को नारबल जाने से रोका गया। वहीं पुलिस ने अपनी ओर से इस पर सफाई दी है। दरअसल खबर यह थी कि नेशनल कांफ्रेंस का प्रतिनिधिमंडल जिसकी अगुवाई नेकां के प्रांतीय अध्यक्ष कश्मीर नासिर असलम वानी कर रहे थे, उनको पुलिस ने नारबल में मृतक के घर जाने से रोक दिया।
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इस मामले में जम्मू-कश्मीर पुलिस ने अपनी सफाई पेश करते हुए बयान जारी किया और स्पष्ट किया कि पुलिस द्वारा सोमवार को किसी भी राजनैतिक दल को नारबल में नहीं रोका गया। उन्होंने कहा कि नेकां द्वारा जारी बयान में उन्हें नारबल में रोके जाने की बात कही गई थी। यह भी कहा गया था कि उन्हें मृतक सुहैल अहमद सोफी के घर नहीं जाने दिया गया, जो गलत है।

पुलिस ने बयान में बताया कि किसी को भी मृतक के परिवार वालों से मिलने से नहीं रोका गया। हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि नेकां नेताओं से बडगाम जिला प्रशासन द्वारा उनके प्रोग्राम में विलंब करने को कहा गया, क्योंकि वहां पहले से अलगाववादी नेता मौजूद थे, जिससे अमन कानून की स्थिति भंग होने की आशंका थी। गौरतलब है कि नेकां के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को नारबल का दौरा किया और मृतक के परिवार वालों के प्रति सहानुभूति व्यक्त की।
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नेकां प्रवक्ता जुनैद अजीम मट्टू ने अमर उजाला को बताया कि मंगलवार को नेकां का प्रतिनिधिमंडल सुहैल अहमद सोफी के घर गया था, जहां उन्होंने इस घटना की निंदा करते हुए दुख का इजहार किया। मट्टू के अनुसार इस दल में नेकां के प्रांतीय अध्यक्ष कश्मीर नासिर असलम वानी, अली मोहम्मद डार, आगाह मोहसिन मुस्तफा और मंजूर अहमद वानी शामिल थे।
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