कठुआ और सांबा में आतंकी हमले के बाद से सख्ती काफी बढ़ा दी गई है। भारत-पाकिस्तान अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा एजेंसियों ने डेरा जमा लिया है।
आतंकी हमले की जांच के अलग-अलग पहलुओं को खंगाल रही सुरक्षा एजेंसियां संदिग्धों को देखे जाने संबंधी सूचनाओं पर त्वरित कार्रवाई कर रही हैं। इस कड़ी में पशु तस्करों की एक सूची तैयार की गई है, जिनकी धरपकड़ की कवायद भी शुरू कर दी गई है।
सूत्रों ने बताया कि पशु तस्करों की एक मुकम्मल सूची बनाई गई है, जिनके बारे में तमाम तरह की मालुमात हासिल की जा रही है। इन्हीं में शामिल कुछ कुख्यात तस्करों के लिए छापेमारी शुरू कर दी गई है।
सुरक्षा एजेंसियों को ऐसे पशु तस्करों पर अन्य आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने का शक है। छापेमारी के बावजूद अभी तक एक भी तस्कर एजेंसियाें के हाथ नहीं लग पाया है।
माना जा रहा है कि पिछले कुछ समय से यह तस्कर भूमिगत हो गए हैं या फिर राज्य से बाहर चले गए हैं। उधर अंतर्राष्ट्रीय सीमा से सटे इलाकों में सुरक्षाबलों के साथ-साथ खुफिया इनपुट तैयार करने वाली एजेंसियों की निगरानी भी बढ़ गई है।
पशु तस्करी से जुड़े लोगों को लगातार निगरानी में रखा जा रहा है। पुलिस विभाग के एक उच्च पदस्थ सूत्र ने बताया कि हर आतंकी घटना के बाद सुरक्षा तंत्र के सामने नई चुनौतियां सामने आ जाती हैं।
यह देखते हुए संयुक्त सुरक्षा तंत्र को ऐक्टिवेट किया गया है। इसमें संदिग्धों पर कड़ी नजर रखने और अप्रिय घटना को समय रहते ताड़कर रोकने पर जोर दिया जा रहा है।