पुंछ-रावलाकोट बस से सोमवार को पीओके लौट रहे कुछ नागरिकों ने उस पार से बार-बार होने वाले आतंकी हमलों पर प्रतिक्रिया देते हुए दर्द-ए-दिल बयां किया।
उन्होंने कहा कि हमें समझ नहीं आ रहा बेगुनाह लोगों का खून बहा कर यह लोग क्या साबित करना चाहते हैं और कौन सी आजादी लेना चाहते हैं। हिंदुस्तान में कौन गुलाम है? उन्होंने कहा कि गुलाम तो हम हैं जो पीओके में रहते हैं और पाकिस्तान की मर्जी के बिना सांस तक नहीं ले सकते हैं।
घर से निकलने पर नहीं होती लौटने की उम्मीद
श्रीनगर में सुरक्षा बलों पर पथराव करते युवक
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पीओके लौटते नागरिकों ने कहा कि पाकिस्तान जिसे वह आजाद कश्मीर कहता है, वहां के हालात ऐसे बना दिए हैं कि हम अपने बच्चों को स्कूल भेजने से भी डरते हैं। जो घर से बाहर निकलता है, उसके लौट कर आने की कोई उम्मीद नहीं होती है।
कश्मीर में पिछले काफी समय से हो रहे प्रदर्शन और आतंकी हमलों पर रोष प्रकट करते हुए पीओके नागरिक हाजी फजल हुसैन, हाजरा बेगम, इमरान हुसैन ने कहा कि जो लोग जम्मू-कश्मीर में आजादी की बात करते हैं, उन्हें सिर्फ एक महीने के लिए उस पार भेज दो, उन्हें पता चल जाएगा कि आजादी क्या होती है।
फौज,आतंकियों और हूकूमत के एहसान से हैं जिंदा
Voilance in Kashmir
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उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान की तरफ से हर प्रकार की सब्सिडी है, जिन वस्तुओं को यहां के लोग महंगी कहते हैं, अगर उन्हें वह वस्तुएं हमारे यहां खरीदनी पड़ें, तो होश उड़ जाएंगे।
हाजी फजल हुसैन का कहना है कि हम सात लोगों का परिवार है और हमारा हर महीने 15 हजार रुपये बिजली का बिल आता है। यहां पर आप जहां मर्जी घूम लो। पुलिस और फौज आपकी मदद करेगी, लेकिन हमारे वहां ऐसा नहीं है।
हम अपनी मर्जी से कुछ भी नहीं कर सकते हैं। हम पाकिस्तानी हुकूमत, फौज और मुजाहिदों/आतंकियों के रहम-ओ-करम पर जिंदा रहते हैं।
पाक की खिलाफत करने वाले हो जाते हैं लापता
पाक पीएम नवाज शरीफ
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वहां सरकार के खिलाफ या पाकिस्तान के खिलाफ बात करने की किसी की हिम्मत नहीं है। ऐसा करने वालों का पता ही नहीं चलता कहां लापता कर दिए जाते हैैं।
पाकिस्तान और उसकी फौज ने हमारे इलाके को सिर्फ आजाद कश्मीर का नाम दिया है और हमें अपना गुलाम बना रखा है। कुछ अन्य पीओके के नागरिक दबी जबान यह कहते भी सुनाई दिए कि अगर यह बयान मीडिया से उस पार पहुंच गया, तो यह लोग नहीं बचेंगे। इससे साबित होता है कि पीओके के लोग डर के मारे आज भी गुलामी का जीवन जीते हैं।