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नगर परिषद में नहीं हुआ फलोर टेस्ट, 9 पार्षदों ने लिया नाम वापस

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सांबा। नगर परिषद में अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर 14 पार्षदों ने अपने-अपने हस्ताक्षर कर सीईओ को नोटिस भेजा था, कि फलोर टेस्ट कराया जाए। सीईओ ने लोकल बाडी के निदेशक को भी सूचित कर दिया। फ्लोर टेस्ट के लिए मांग की गई, लेकिन शुक्रवार रात परिषद में योजनाबद्ध तरीके से 14 में से 9 पार्षदों ने सीईओ को पत्र देकर फलोर टेस्ट के लिए दिए गए अपने नाम वापस ले लिए।
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पार्षदों के इस ड्रामे से लोगों में कई प्रकार की प्रतिक्रिया सामने आ रही है। लोगों के अनुसार भाजपा नेताओं के दबाव में आकर पार्षदों ने अपने नाम वापस लिए हैं।
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लोकल बॉडी निदेशक व उपायुक्त को अविश्वास प्रस्ताव के बारे में अवगत करा दिया था। उन्होंने फ्लोर टेस्ट के लिए तिथि मुकर्रर करनी थी, लेकिन 9 पार्षदों ने शुक्रवार शाम ही पत्र दिया है कि वह अपना नाम वापस ले रहे हैं। यदि फ्लोर टेस्ट होता तो एक वर्ष तक अध्यक्ष की कुर्सी बची रहती है। अब दोबारा कभी भी अविश्वास प्रस्ताव लाया जा सकता है।
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-संतोष कोतवाल, सीईओ, नगर परिषद, सांबा।
दोबारा अविश्वास प्रस्ताव लाएंगे
सांबा। नगर परिषद के अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को लेकर पार्षद कुमेर सिंह ने कहा कि वह दोबारा अविश्वास प्रस्ताव पर विचार करेंगे। उनका कहना है कि पांच पार्षदों को बिना बताए ही अन्य पार्षदों ने भाजपा हाईकमान के दबाव में आकर अपने नाम वापस लिए हैं। जबकि 14 पार्षदों ने एक साथ बैठ कर अविश्वास प्रस्ताव लाने का निर्णय लिया था। इससे सांबा के लोगों में भी रोष है। सांबा की जनता यह भी पूछ रही है कि आखिर क्यों पार्षदों ने अपने नाम वापस लिए हैं। अंदर खाते भाजपा नेताओं के साथ क्या समझौता हुआ है। जो 9 पार्षद अपने दस्तखत कर नपा के सीईओ को पत्र दिया है। वही अपना नाम वापस ले रहे हैं जिसको लेकर लोगों में भी गलत फहमी हो गई है। आखिर क्यों 9 पार्षद अपना नाम वापस लेने में मजबूर हुए। संवाद
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