सांबा। कस्बे में सोमवार को जनता विकास मंच के अध्यक्ष अरुण शर्मा ने मांग उठाई कि जिले में नई सृजित करने वाली विधानसभा सीट का नाम पुरमंडल अथवा देविका के नाम पर रखा जाए। गत दिनों उन्होंने परिसीमन आयोग के सदस्यों से मुलाकात कर उन्हें भी इस बाबत अवगत कराया है।
वे यहां प्रेसवार्ता में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में राजनीतिक प्रक्रिया की बहाली के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार द्वारा की गई पहल का हम स्वागत करते हैं। इस संदर्भ में प्रधानमंत्री ने सर्वदलीय बैठक बुलाई। इसमें जनता की भलाई और कल्याण के लिए प्रदेश में राजनीतिक प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया गया। उसके बाद संसद के साथ-साथ विधानसभा खंडों को फिर से संगठित, परिसीमन करने के लिए आयोग का गठन किया गया। उन्होंने कहा कि सभी वर्गों, जातियों और पंथों को राहत दी जानी चाहिए। विधानसभा क्षेत्रों की सीमा क्षेत्र, वर्तमान जनसंख्या और सड़क संपर्क को ध्यान में रखते हुए तय की जानी चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि सांबा जिला अपनी भौगोलिक स्थिति, वर्तमान जनसंख्या और क्षेत्रफल के आधार पर एक और निर्वाचन क्षेत्र के लिए योग्य है। चूंकि जिला सांबा में पहाड़ी और मैदानी इलाके शामिल हैं। क्योंकि पुरमंडल पहाड़ी इलाके का केंद्रीय स्थान है, जिसमें 35 पंचायत और चार ब्लॉक पुरमंडल, नड, बाड़ी ब्राह्मणा और विजयपुर हैं। चार प्रखंडों के वोट 70 हजार से अधिक हैं। पुरमंडल आबादी वाला होने के साथ-साथ ऐतिहासिक स्थान भी है। बेहतर सड़क संपर्क होने के कारण उक्त ब्लॉक के लोग आसानी से संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि पहले से आरक्षित सीट को डी-आरक्षित नहीं किया जाना चाहिए। परिसीमन वर्तमान जनसंख्या के साथ-साथ दोनों क्षेत्रों के वोट शेयर के आधार पर किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि 2011 की जनगणना फर्जी थी और केंद्र में कई विसंगतियां पाई गई हैं।
परगवाल से भी उठी अखनूर को जिला बनाने की मांग
परगवाल। अखनूर को जिला बनाने की मांग दिन-ब-दिन जोर पकड़ती जा रही है। इसी कड़ी में सीमा क्षेत्र परगवाल से भी अखनूर को जिला बनाने की मांग की गई है। भाजयुमो के मंडल अध्यक्ष मोहित गुप्ता के साथ-साथ क्षेत्र के लोगों ने भी अखनूर को जिले का दर्जा देने की मांग की है।
उनका कहना था कि परगवाल एक दूरदराज का सरहदी क्षेत्र है। यहां से लोगों को जिला मुख्यालय में काम के सिलसिले में जम्मू की ओर रुख करना पड़ता है। जो क्षेत्र से करीब 50 किलोमीटर दूर है। वहां पहुंचने के लिए लोगों को बहुत सारी परेशानियों के साथ-साथ समय और जेब पर भी भारी पड़ता है। उनका कहना था कि अखनूर जिला बन जाने से समय की बचत के साथ-साथ परेशानियों से भी निजात मिलेगी। वहीं मदन लाल, बलवान सिंह, विपिन शर्मा, जोनी राकी सिंह समेत कई लोगों ने भी अखनूर को जिले का दर्जा देने की मांग की है। इससे पहले छंव तथा अखनूर से कई भाजपा नेताओं ने अखनूर को जिले का दर्जा देने की मांग की थी।
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मोहित गुप्ता