ज्यौड़ियां। सेना सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों की भलाई के काम करने के लिए जानी जाती है। ऑपरेशन नमस्ते अभियान के तहत सेना सीमा क्षेत्रों के जरूरतमंद लोगों को विभिन्न रूपों में सहायता प्रदान कर रही है। खौड़ के सैंथ पंचायत क्षेत्र में सोमवार को सेना के जवान और क्षेत्र की आवाम के बीच एक अनोखे स्तर का सामंजस्य देखने को मिला है।
सेना ने सीमावर्ती घरड गांव के पास एक भोज (भंडारा) का आयोजन किया जिसमें सीमावर्ती गांवों के लगभग 265 व्यक्तियों ने भोजन किया। स्थानीय लोगों ने सेना की और कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए स्वेच्छा से श्रमदान में भाग लेकर सैनिकों के साथ एआईओएस फैंस के आगे के इलाके को साफ किया। यह स्थानीय लोगों और भारतीय सेना के बीच के अटूट बंधन को उजागर करता है । इस तरह की पहल ने ‘जवान और अवाम’ के बीच विश्वास और भरोसे की एक मिसाल कायम करती है। संवाद