अरनिय। नगर पालिका में कराए गए विकास कार्यों को लेकर विपक्षी पार्षदों ने शुक्रवार को बेब पोर्टल पर प्रेसवार्ता की। इसमें नपा अध्यक्ष पर कई आरोप लगाए गए। बेब पोर्टल पर ही नपा अध्यक्ष रमेश सैनी ने भी विपक्षी पार्षदों पर कई आरोप लगाए।
वार्ड- 12 के पार्षद डॉक्टर एमएल राब ने कहा कि करीब ढाई वर्ष पहले चुनाव होते ही हमने कस्बे के विकास के लिए नपा अरनिया की कुर्सी पर अध्यक्ष व उपाध्यक्ष बिठाया। मगर वो दोनों उम्मीद पर खरे नहीं उतरे, जिससे हमने 27 मार्च को अविश्वास पत्र दाखिल किया। इसमें इन दोनों की हार हुई। इसके बाद हमने सात पार्षदों की तरफ से लाए गए अविश्वास पत्र को ईओ को सौंपा और बड़ी होशियारी से हमारा वो पत्र कोर्ट में भेज दिया, जिसका फैसला भी 19 तारीख को आ जाएगा। करीब पांच माह बाद वीरवार को ईओ ने बैठक बुलाई, जिसका हमने बहिष्कार कर दिया। मैं ईओ से यह पूछना चाहता हूं कि एक पार्षद कम होने से जब पहले से ही नगर पालिका अविश्वास (वोट फार नो कांफिडेंस) में चल रही है, तो फिर बैठक बुलाने का क्या मतलब है।
कहा कि हमारे पास पूर्ण बहुमत है। हम चाहते हैं कि अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के फिर से चुनाव हों।
उधर अध्यक्ष रमेश सैनी का कहना है कि मुझ पर लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद हैं। कस्बे में अभी तक कराए गए, सभी विकास कार्य पारदर्शी और सभी की सहमति से हुए हैं। विपक्ष में बैठे एक निर्दलीय पार्षद ने वीरवार को कहा था कि नपा अरनिया में अध्यक्ष व उपाध्यक्ष बनाने के लिए सातवां वोट मेरा ही था, तो मैं बता देना चाहता हूं कि चुनाव में मेरे पक्ष में पहले ही सात वोट आ चुके थे, जिस पर आठवां वोट भी मेरे ही पक्ष में पड़ा। उन्होंने पिछली दफा जीते दोनों पार्षदों पर भी कई गंभीर आरोप लगाए।