केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा है कि आगामी अमरनाथ यात्रा के दौरान तीर्थयात्रियों की भारी भीड़ की उम्मीद है। इस साल अमरनाथ यात्रा में भारी संख्या में लोगों के आने की उम्मीद है।
कठुआ के राजकीय डिग्री कॉलेज में आयोजित वाई-20 (युवा उत्सव) के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए डॉ, सिंह ने कहा कि कश्मीर में पिछले साल पर्यटन में तेजी देखी गई, जहां रिकॉर्ड 1.75 करोड़ पर्यटक इसकी सुंदरता का आनंद लेने के लिए आए। ज्यादातर लोग कश्मीर में अपनी छुट्टियों के दौरान होटल और हाउसबोट के बारे में सोचते थे, लेकिन इस बार भारी भीड़ के मद्देनजर होमस्टे की शुरुआत की गई।
जी20 के सफल आयोजन ने इस दावे को खारिज कर दिया कि जम्मू-कश्मीर अभी यात्रा के लिए सुरक्षित नहीं है।कश्मीर में आम आदमी आगे बढ़ना चाहता है और मोदी के नए भारत का हिस्सा बनना चाहता है। कश्मीर के युवा बहुत बुद्धिमान हैं और देश के बाकी हिस्सों में लोगों की तरह लाभान्वित होने के लिए प्रधान मंत्री द्वारा शुरू की गई योजनाओं की प्रतीक्षा कर रहे है।
आतंकवाद के कारण पीढि़यों को नुकसान उठाना पड़ा है, लेकिन जम्मू-कश्मीर के युवाओं ने अब समृद्धि और विकास के रास्ते में पीछे नहीं रहने का फैसला किया है। जम्मू-कश्मीर अपनी भूमिका बड़े पैमाने पर निभाने जा रहा है और आने वाले वर्षों में देश की अर्थव्यवस्था में योगदान देगा।
युवा उत्सव में उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के नौ साल बिना किसी संदेह के युवा केंद्रित रहे हैं, लेकिन इस देश के युवाओं के लिए उपलब्ध कराए गए अवसरों और विभिन्न पहलों के उपयोग के लिए मानसिकता में बदलाव की आवश्यकता है। आज इस देश के युवाओं के दरवाजे पर ढेर सारे अवसर दस्तक दे रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार समान अवसर प्रदान करने के लिए दृढ़ और समर्पित है।
इसका सबसे अच्छा उदाहरण अराजपत्रित पदों के लिए साक्षात्कार को समाप्त करना है। वहीं, 2000 से अधिक ऐसे नियमों को समाप्त कर दिया गया है जो कि इस देश के युवाओं के विकास में बाधा थे। उन्होंने कहा कि भारत में स्टार्ट-अप इकोसिस्टम अब दुनिया में तीसरे स्थान पर है, जिसमें 100 से अधिक यूनिकॉर्न केवल इस देश के युवाओं की वजह से संभव हो पाए हैं।
सिंह ने आगे कहा कि जम्मू-कश्मीर के युवाओं को अपने दरवाजे पर दस्तक देने वाले स्टार्ट-अप के मामले में अरोमा मिशन को सबसे अच्छे अवसरों में से एक के रूप में देखना चाहिए, क्योंकि जम्मू-कश्मीर में बैंगनी क्रांति जम्मू-कश्मीर के युवाओं के लिए आकर्षक स्टार्ट-अप अवसर प्रदान करती है। डॉ. जितेंद्र सिंह ने आगे कहा कि मौजूदा समय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साहसिक नेतृत्व के कारण भारत की छवि बदली है, प्रधानमंत्री दुनिया के सबसे बड़े नेता के रूप में उभरे हैं, जो स्थिर शासन और प्रशासन के माध्यम से किसी भी चुनौती से निपटने में सक्षम हैं।
उन्होंने प्रधानमंत्री के नौ साल के कार्यकाल का लेखाजोखा रखते हुए कहा कि वर्ष 2014 से पहले देश में 145 मेडिकल कॉलेज थे और पिछले नौ वर्षों में 265 और जोड़े गए। इसी तरह देश में 725 विश्वविद्यालय थे और 300 नए विश्वविद्यालय जोड़े गए। इसके अलावा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत देश में सात लाख किलोमीटर लंबी सड़कें जोड़ी गईं और मुद्रा ऋण के रूप में 1000 करोड़ रुपये दिए गए।
मुद्रा लोन योजना के तहत पिछले नौ वर्षों में लाभार्थियों को 23 लाख करोड़ रुपये प्रदान किए गए हैं। डॉ. सिंह ने आगे कहा कि जम्मू और कश्मीर नए विकास के पथ पर हैं और श्रीनगर में जी20 बैठक का सफल समापन इस बदलाव का एक वसीयतनामा है।