प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बाढ़ पीड़ितों के दिलों में उम्मीदों का दीया जला गए। तबाही झेल रहे लोगों के बीच दिवाली पर पहुंचकर उनके दर्द से खुद को जोड़ा। पैकेज की सौगात भी दी। सुरक्षा कारणों से राहत शिविरों में जाने की चाहत पूरी नहीं हो पाई।
लिहाजा राजभवन में ही सियासी दलों, व्यवसाइयों, सिविल सोसायटी के प्रतिनिधियों और बाढ़ पीड़ितों से मिलकर कठिनाइयों से रूबरू हुए। मोदी ने बाढ़ से ध्वस्त हुए मकानों की मरम्मत के लिए 570 करोड़ का पैकेज और जम्मू, लेह व श्रीनगर के छह अस्पतालों के लिए 175 करोड़ दिए।
रियासत द्वारा 44 हजार करोड़ के पैकेज की मांग पर कहा कि प्रस्ताव का परीक्षण किया जा रहा है।प्रधानमंत्री ने बाढ़ के दौरान भी श्रीनगर आकर एक हजार करोड़ की मदद दी थी। मोदी ने इस राशि का त्वरित गति से उपयोग करने के निर्देश दिए।