नटरंग ने संडे थियेटर के तहत रविवार को नीरजकांत के निर्देशन में एंटन चेखव के लिखे रूसी नाटक ‘उथल-पुथल’ का मंचन किया गया। नाटक की कहानी एक ऐसी लड़की के इर्द-गिर्द घूमती है जो अपनी जिंदगी को पूरी आजादी और आत्म सम्मान के साथ जीती है। कहानी का घटनाक्रम जैसे-जैसे आगे बढ़ता है तो लड़की के आत्मसम्मान को बहुत ही ज्यादा ठेस पहुंचती है।
नाटक में मालविका नाम की लड़की की कहानी है जो माया नाम की घमंडी और अहंकारी महिला के घर में पेइंग गेस्ट के तौर पर रहती है। एक दिन मालविका अपनी सहेलियों के साथ कालेज से घर लौटती है तो अपने कमरे में सारा सामान बिखरा हुआ देखकर बहुत ही ज्यादा हैरान होती है।
इस मौके पर उसकी मालकिन माया कहती है कि उसका बेहद बेशकीमती ब्रूच कहीं खो गया है इसलिए वह उसके कमरे और सामान की तलाशी कर रही है। यह बात सुनकर मालविका के दिल को बहुत ही ज्यादा ठेस पहुंचती है। उसी समय मालविका अपने आत्म सम्मान के लिए निर्णय लेती है कि वह यह घर छोड़ देगी।
मालकिन द्वारा बार-बार ताने कसे जाने पर वह घर छोड़ने लगती है, तभी उसकी मालकिन का पति निखिल उससे विनती करता है कि वह घर न छोड़कर जाए। निखिल बताता है कि पैसों की कमी के चलते उसने ही अपनी पत्नी का बेशकीमती ब्रूच चोरी किया था।
वह कहता है कि उसकी पत्नी पूरे घर और जायदाद पर अपना ही हक जमाती है, जिसके चलते अपनी पत्नी से कुछ भी पाने के लिए उसे भिखारी की तरह बर्ताव करना पड़ता था, इसलिए उसने चोरी करने का कदम उठाया था। नाटक में मोहम्मद यासीन, साक्षी प्रकाश, जूही सिंह, कृतिका भाऊ, राजन ठकयाल ने अहम भूमिका निभाई।