इसके बाद कार्यालय और एप के माध्यम से कार्ड बनवाने की सुविधा महिला यात्रियों को उपलब्ध करवाई जाएगी। पिंक कार्ड व्यवस्था लागू होने से महिला यात्रियों को निशुल्क यात्रा का लाभ लेने में सुविधा होगी। इसके साथ ही पात्र यात्रियों की पहचान और मुफ्त यात्रा से संबंधित रिकॉर्ड को व्यवस्थित करने में भी मदद मिलेगी।
जागरूकता अभियान के दौरान महिलाओं को पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी दी जाएगी। फिलहाल कार्ड व्यवस्था को लेकर तैयारी तेजी से की जा रही है। इतना ही नहीं शहर में ई-बस सेवा का दायरा बढ़ाने की भी तैयारी है। इसमें सितंबर के अंत तक 12 मीटर लंबी 25 नई ई-बसें सड़कों पर उतारने की योजना है। मौजूदा 100 बसों में इनके शामिल होने के बाद बसों का बेड़ा 125 हो जाएगा। इसके अलावा 7 मीटर लंबी 75 और ई-बसें लाने की तैयारी है। इन छोटी बसों को ऐसे रूटों पर चलाने पर जोर रहेगा, जहां बड़े वाहनों का संचालन मुश्किल होता है। इससे शहर के राजपुरा, परेड, त्रिकुटा नगर व ग्रामीण इलाकों की कनेक्टिविटी भी बेहतर होने की उम्मीद है।
पिंक बस सेवा पर भी चल रहा मंथन
स्मार्ट सिटी लिमिटेड की ओर से मिली जानकारी के अनुसार महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अन्य राज्यों की तुलना में यहां भी महिलाओं के लिए विशेष पिंक कलर की बस चलाने के लिए भी मंथन चल रहा है।
महिला यात्रियों की लगातार आ रही शिकायतों को ध्यान में रखते हुए यह पहल शुरु किया जाएगा। जिसको लेकर प्रक्रिया तेजी चल रही है और सितंबर माह के अंत तक लागू होने की उम्मींद है। - नरिंदर सिंह, ई-बस, प्रभारी
'अमर उजाला' ने चलाया था अभियान
महिलाओं को ई-बस में यात्रा के दौरान होने वाली दिक्कतों को लेकर 'अमर उजाला' ने इसी माह व्यापक अभियान चलाया था। महिला रिपोर्टर ने शहर के करीब सभी रूट पर ई-बस में सफर कर बताया था कि यात्रा के दौरान महिलाओं को किन-किन दुश्वारियों का सामना करना पड़ता है। खबरें प्रकाशित होने पर स्मार्ट सिटी प्रबंधन ने मामले को गंभीरता से लिया। उसी क्रम मेंं अब महिलाओं के लिए पिंक कार्ड बनाने की योजना को अमली जामा पहनाया जा रहा है।