तीर्थयात्रियों को मिलेगा सुरक्षित वातावरण
आईजी सुरक्षा सुजीत कुमार ने कहा, हाईटेक उपकरणों का उद्देश्य जांच प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाना और श्रद्धालुओं को सुरक्षित वातावरण प्रदान करना है। आधुनिक तकनीक की मदद से सुरक्षाबल कम समय में अधिक लोगों और वाहनों की जांच कर सकेंगे।
इससे किसी भी संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री की पहचान तेजी से हो सकेगी। रिमोट कंट्रोल से संचालित विस्फोटकों के खतरे से निपटने के लिए पोर्टेबल आरसीआईईडी जैमर भी तैनात रहेंगे।
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आगामी अमरनाथ यात्रा के मद्देनजर नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) और रामकी इंफ्रास्ट्रक्चर ने श्रीनगर-जम्मू हाईवे पर सुधार और सौंदर्य बढ़ाने का काम तेज कर दिया है। इसका उद्देश्य तीर्थयात्रियों के सफर को आसान और सुरक्षित बनाना है। अधिकारियों ने बताया कि हाईवे पर कई जगहों पर पेंटिंग और रखरखाव का काम किया जा रहा है। इसमें रोड डिवाइडर, क्रैश बैरियर, कर्बस्टोन और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल हैं, ताकि सड़क साफ दिखे और सुरक्षा बेहतर हो। यह प्रयास अलग-अलग एजेंसियों की तैयारियों का हिस्सा है, क्योंकि हर साल इस यात्रा में देश भर से हजारों श्रद्धालु शामिल होते हैं। यात्रा के काफिले के आगमन से पहले तय समय में काम पूरा करने के लिए हाईवे के कई हिस्सों पर मजदूरों को तैनात किया गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मकसद केवल हाईवे की सूरत बदलना ही नहीं है, बल्कि तीर्थयात्रियों और अन्य राहगीरों के लिए यात्रा को सुरक्षित बनाना भी है। श्रीनगर-जम्मू हाईवे, अमरनाथ यात्रा के दौरान बालटाल और नुनवान के दो मुख्य बेस कैंप तक पहुंचने वाले तीर्थयात्रियों के लिए मुख्य सड़क संपर्क है। सड़क को सुंदर बनाने के अलावा विभिन्न विभाग इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार, ट्रैफिक मैनेजमेंट और लॉजिस्टिक्स तैयारियों में लगे हैं, ताकि यात्रा आसानी से पूरी हो सके।