कारगिल क्षेत्र में पादुम से करीब 90 किलोमीटर दूर फुक्तल नदी में भू स्खलन से गिरे पहाड़ की वजह से नदी में जल स्तर कम होने से पनबिजली परियोजनाओं में उत्पादन भी गिर गया है।
एनएचपीसी की 45 मेगावाट क्षमता की निम्मो बाजगो परियोजना में उत्पादन क्षमता से आधे तक पहुंच चुका है। इसके अलावा लघु पन बिजली परियोजना एलजीओ में भी उत्पादन कम हो गया है।
निम्मो बाजगो परियोजना के प्रभारी चीफ इंजीनियर एसके संधू का कहना है कि नदी में जिस स्थान पर मलबा गिरा है, वहां से परियोजना करीब 200 किलोमीटर दूर है।
उनका कहना है कि नदी में मलबा गिरने की वजह से जल स्तर कम होने की वजह से पन बिजली उत्पादन पर असर पड़ा है।
बहरहाल संधू का कहना है कि फुक्तल नदी में बनी कृत्रिम झील से पानी निकालने के लिए अगर ब्लास्ट जैसा कुछ किया जाता है तो इससे परियोजना को कोई नुकसान नहीं होगा।