पीएचई, सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग के चीफ इंजीनियर राजीव गंडोत्रा और पीएचई विभाग के हड़ताली डेलीवेजरों की सोमवार को एक घंटा चली बातचीत आखिरकार बेनतीजा रही। चीफ इंजीनियर ने हड़ताली डेलीवेजरों से कहा कि वह आगामी कैबिनेट बैठक का इंतजार करें।
अगर बैठक में कुछ न हुआ तो फिर हड़ताल करें। हालांकि, डेलीवेजरों के प्रतिनिधियों ने चीफ इंजीनियर की अपील को ठुकरा दिया और बैठक से उठकर चले गए। इसी बीच डेलीवेजरों की काम छोड़ हड़ताल सोमवार को 13वें दिन भी जारी रही।
सिंचाई विभाग परिसर में दोपहर दो से तीन बजे तक चीफ इंजीनियर राजीव गंडोत्रा के साथ आल जेएंडके पीएचई, आईटीआई ट्रेंड एंड सीपी वर्कर्स एसोसिएशन के प्रधान तनवीर हुसेन व उनकी टीम की बैठक बेनतीजा रहने के बाद हड़ताल टूटने के आसार फिर कम हो गए हैं।
एसोसिएशन के प्रधान तनवीर हुसेन का कहना है कि कई बार आश्वासन मिल चुके हैं। नियमित करने की नीति निर्धारित नहीं की जा रही है। इस बार डेलीवेजर आरपार के संघर्ष के लिए तैयार हैं। जब तक नियमित करने की नीति निर्धारित नहीं होती काम छोड़ हड़ताल जारी रहेगी।
एसोसिएशन के उपप्रधान दीपक गुप्ता, महासचिव सुभाष चंद्र, कुलभूषण सिंह, जीवन सिंह और चंदन सिंह भी इस अवसर पर मौजूद रहे। उधर, पीएचई चीफ इंजीनियर कार्यालय परिसर में 13वें दिन भी डेलीवेजरों के नारे गूंजते रहे।
काम छोड़ हड़ताल के चलते पीएचई विभाग को सुचारु पेयजल आपूर्ति करने में परेशानी हो रही है। संभाग में करीब 16 हजार 70 डेलीवेजर पीएचई विभाग में कार्यरत हैं।