दीक्षांत समारोह में वर्ष 2013 के जिन विद्यार्थियों को भारत के राष्ट्रपति के हाथों पीएचडी की डिग्रियां मिलनी हैं, उनका उत्साह देखते ही बनता है। जम्मू विश्वविद्यालय के 14वें दीक्षांत समारोह में भाग लेने वाले छात्रों की खुशी का यह आलम है कि उन्हें विश्वास नहीं हो पा रहा है कि वे भारत की इतनी बड़ी हस्ती से मिलकर उनकेहाथों से डिग्री हासिल करेंगे।
स्टैटेस्टिक विभाग से वर्ष 2103 में पीएचडी की पढ़ाई पूरी कर चुकी अंकुश भारती के लिए यह सपने से कम नहीं है। उनका कहना था कि आप इतना समझ लो कि जिंदगी का यह बहुत बड़ा और यादगार पल होगा। वर्ष 2008 की मेरिट में रहे अंकुश को गोल्ड मेडल भी मिलना था लेकिन दीक्षांत समारोह में सत्र 2011-12 के छात्रों को स्वर्ण पदक मिलने हैं।इसलिए अंकुश को डिग्री से संतोष करना पड़ रहा है।
फिजिक्स में पीएचडी करने वाले चेतन ने कहा कि मुझे इस बात का गर्व है कि मैंने अपने मां-बाप का नाम रोशन किया है। मुझे डिग्री मिलनी है इसकी खुशी मेरे मम्मी और पापा के चेहरे पर साफ दिखती है। उर्दू में पीएचडी कर चुके एमएम अंसारी कहते हैं कि लोग मुख्यमंत्री से मिलकर खुश हो जाते हैं, मुझे तो राष्ट्रपति के हाथों से डिग्री प्राप्त करने का मौका मिल रहा है तो मेरी खुशी कितनी होगी, अंदाजा लगाना जरा कठिन है।
अपनी मेहनत को वे खुदा का आशीर्वाद और मां-बाप का प्यार और सहयोग मानते हैं। एमबीए में पीएचडी करने वाले शफकत कहते हैं कि पहली सितंबर का दिन जिंदगी का सबसे यादगार दिन होने वाला है।