जम्मू और कश्मीर अवामी नेशनल कांफ्रेंस (एएनसी) ने शुक्रवार को राज्य में होने जा रहे विधानसभा चुनाव को स्थगित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। एएनसी ने अपनी याचिका में कहा है कि बाढ़ की त्रासदी झेल चुके राज्य में अभी चुनाव कराने की परिस्थितियां नहीं हैं क्योंकि हजारों लोग अभी भी विस्थापित जीवन यापन कर रहे हैं।
जस्टिस जे चेलमेश्वर और जस्टिस एसए बोबडे की पीठ ने कहा कि याचिका में बाढ़ पीड़ितों के पुनर्वास और राहत पर चिंता प्रकट की गई है और मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ इस मसले पर एक जनहित याचिका (पीआईएल) पर सुनवाई कर रही है। इसलिए इसे भी उसी कोर्ट में पेश किया जाए।
संक्षिप्त सुनवाई के दौरान एएनसी के वकील राजीव धवन ने कहा कि 72 लाख मतदाता प्रभावित हुए हैं। करीब 2600 गांव बाढ़ की चपेट में आए और करीब 390 गांव जलमग्न हुए। राज्य में अभी पुनर्वास का काम पूरा नहीं हो पाया है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या चुनाव आयोग स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करा सकता है।
क्या वह हर मतदाता तक पहुंच पाएगा। ज्यादातर मतदाता अपने घरों को लौटने में सक्षम नहीं है। मुजफ्फर शाह की ओर से दायर याचिका में राज्य की परिस्थितियों को देखते हुए विधानसभा चुनाव को टालने के लिए न्यायिक दखल की अपील की गई है।
एजेंसी