रिटेलर और होलसेलर रेड क्रॉस की फीस जरूर भरें
संवाद न्यूज एजेंसी
अरनिया। दिवाली का त्योहार नजदीक आ गया है। इसके चलते क्षेत्र में बम पटाखे के स्टॉल लगाने के लिए दुकानदारों में होड़ मची हुई है। अरनिया तहसील प्रशासन ने बम पटाखे के स्टॉल के लिए परमिशन लेना अनिवार्य है।
अरनिया तहसील प्रशासन की ओर से बम पटाखों की बिक्री के लिए रिटेलर और होलसेलर दोनों के लिए दिशा निर्देश दिए गए हैं। रिटेलर और होलसेलर दोनों के लिए अरनिया तहसीलदार के समक्ष बम पटाखों के स्टॉल के लिए आवेदन करना होगा। इसके बाद दस्तावेजों की पूर्ति होने के बाद रेडक्रॉस की फीस भरी जाएगी।जिसमें छोटे स्टॉल रिटेलर के लिए 3000 रुपये फीस है।बड़े स्टॉल होलसेलर के लिए 5000 रुपये फीस रखी गई है।
तहसील प्रशासन ने बताया कि नियमों के मापदंड के अनुसार ही बम पटाखे के स्टॉल लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में अगर कोई गोदाम में बम पटाखे रखता है,तो उसे आबादी से बाहर खुले में गोदाम को ले जाना है। वहीं दूसरी और बाजारों में लिमिटेड तौर पर बम पटाखे के स्टाल लगाने की परमिशन दी जाएगी। उन्होंने कहा कि दुकानदारों को सुरक्षा के सारे नियम और मापदंड अपनाने होंगे। उन्होंने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। बिना रेडक्रॉस की फीस भरे कोई भी स्टॉल लगाया जाता है, तो उस पर कानूनी तौर पर कार्रवाई की जाएगी। किसी प्रकार की कोताही बरतने पर दुकानदार को जुर्माना किया जाएगा। वहीं, दूसरी ओर बड़े बम की श्रेणी में आने वाले पटाखे बाजारों में स्टाल लगाने पर छूट नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि दिवाली से पहले ही क्षेत्र में तहसील प्रशासन की टीम सक्रिय हो जाएगी।किसी प्रकार की नियमों की अनदेखी के चलते दुकानदार के खिलाफ कानूनी तौर पर कार्यवाही की जाएगी।
बम पटाखों के स्टॉल के लिए परमिशन लेना अनिवार्य है। रेडक्रॉस की फीस भरने के बाद ही बम पटाखों के स्टॉल लगने दिए जाएंगे। दुकानदारों की ओर से बम पटाखों की बिक्री के चलते सुरक्षा के सारे बंदोबस्त तय होने चाहिए।
अमनदीप सिंह, तहसीलदार अरनिया