कालाकोट के गांव सयालसुई में बुधवार को एक युवती ने जहर निगल लिया। इससे युवती की मौत हो गई। इसके विरोध में कालाकोट के लोगों ने जमकर नारेबाजी की और विरोध प्रदर्शन किया।
समर्थन में उतरे कालाकोट व्यापार मंडल ने दुकानें बंद कर दी और प्रदर्शनकारियों के साथ मिलकर जम्मू-कालाकोट मार्ग को बंद कर दिया। तीन घंटे तक लोगों ने मार्ग बंद रख कालाकोट अस्पताल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
जानकारी के अनुसार, रोजी पुत्री अशोक कुमार ने बुधवार को जहर निगल लिया। उसे कालाकोट अस्पताल पहुंचाया गया। यहां डॉक्टरों ने उसे जम्मू के मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया, लेकिन सुंदरबनी पहुंचते ही युवती ने दम तोड़ दिया।
समय से नहीं मिल सका था उपचार
इसके बाद परिजनों ने कालाकोट पहुंच कर विरोध किया। परिजनों ने आरोप लगाया कि कालाकोट अस्पताल में डॉक्टरों की कमी है, न ही कोई अन्य स्टाफ है।
तुरंत और पूरा उपचार न मिलने से युवती की मौत हुई है। यदि डॉक्टरों की तरफ से यहीं पर उसका इलाज किया जाता तो वह बच सकती थी। लेकिन कई घंटों तक डॉक्टर आनाकानी करते रहे और जहर फैलता गया।
लोगों ने युवती का शव जम्मू-कालाकोट मार्ग पर रख दिया और प्रदर्शन करने लगे। लोगों का कहना था कि पिछले कई वर्षों से कालाकोट अस्पताल में डॉक्टरों और नर्सों की कमी है।
अस्पताल में 18 की बजाय बस 2 डॉक्टर
अस्पताल में सुविधाओं का भी अभाव है। एक से दो डॉक्टरों के सहारे अस्पताल चल रहा है। लोगों ने तहसील प्रशासन को एक हफ्ते तक का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि डॉक्टरों की कमी पूरी नहीं हुई तो फिर से प्रदर्शन होगा।
कई बार लिखा विभाग को: कालाकोट के बीएमओ सुरेश गुप्ता ने कहा कि अस्पताल में दो ही डॉक्टर हैं, जबकि 18 डॉक्टरों की आवश्यकता है। कई बार विभाग को इसके बारे में लिखा गया है, लेकिन अभी तक डॉक्टरों की तैनाती नहीं हुई है।
युवती को अस्पताल में पूरा उपचार दिया गया, लेकिन तबीयत अधिक बिगड़ने पर उसे रेफर केिया गया, जहां उसकी मौत हो गई।