घाटी में हिंसक प्रदर्शनों के पीछे पाकिस्तान और लश्कर-ए-तैयबा के हाथ होने के पुख्ता सबूत मिलने लगे हैं। कुलगाम में एक रैली में लश्कर के दो आतंकियों ने एके 47 लहराते हुए न केवल शिरकत की बल्कि लोगों को चेतावनी भी दी।
घाटी में यह पहला मौका है जब लश्कर आतंकियों ने रैली को संबोधित किया। आतंकियों ने आम लोगों को धमकी दी कि उनके बारे में सुरक्षा बलों को सूचनाएं देने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। आतंकियों की पहचान तौसीफ अहमद और माजिद जरगर के रूप में हुई है।
रैली में सार्वजनिक रूप से लश्कर आतंकियों की शिरकत ने सुरक्षा बलों के लिए नई चुनौती पैदा कर दी है। उधर, घाटी के विभिन्न हिस्सों में हिंसक प्रदर्शनों, भारत विरोधी नारेबाजी और सुरक्षा बलों पर पथराव का सिलसिला जारी है।
वीरवार को जगह-जगह हुई झड़पों में तीन दर्जन से ज्यादा लोगों के जख्मी होने की खबर है। 500 से अधिक युवाओं को पत्थरबाजी तथा हिंसक घटनाओं में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।