जिले के उपयुक्त शाहबाज मिर्जा ने भी बताया कि इस गांव में पहली बार बिजली आई है। बता दें कि प्रशासन द्वारा इस गांव में दो महीने के भीतर कार्य संपन्न कर इस गांव को रोशन किया गया।
मध्य कश्मीर के बडगाम जिले में जिला प्रशासन ने आखिरकार एक ऐसे गांव को बिजली मुहैया करवा दी। यहां लोग 21वीं सदी में भी मोमबत्ती की रोशनी में रातें बिताते थे। बडगाम जिले के खाग सब-डिवीजन से महज आठ किलोमीटर दूर जिले के लछमनपोरा गांव के खान मोहल्ले में इस 21वीं सदी में बिजली नहीं थी।
विज्ञापन
यहां के स्थानीय लोगों के अनुसार सौभाग्य योजना या प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना के तहत दूर दराज के इलाकों तक बिजली पहुंचाने के लिए सराहना पाने वाले बडगाम जिला प्रशासन ने इस क्षेत्र की पूरी तरह से अनदेखी की थी।
खाग का खान मोहल्ला एक गुज्जर बस्ती है जहां केवल 35 परिवार रहते हैं। अली मोहम्मद नाम के एक बुज़ुर्ग ने बताया कि एक के बाद एक आई सरकारों ने विशेष रूप से चुनावों के दौरान स्थानीय लोगों से वादे किये थे कि बिजली के खम्बे और ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे लेकिन जम्मू-कश्मीर को केंद्र शासित प्रदेश बनाए जाने के बाद इस गांव तक बिजली पहुंच पाई है।
विज्ञापन
उन्हें काफी ख़ुशी हो रही है क्योंकि उन्होंने अपनी सारी जिंदगी अंधेरे में बिताई, लेकिन अब आगे की पीढ़ियों के भविष्य इससे रोशन हो पाएंगे। एक अन्य बुज़ुर्ग मोहम्मद रजाक ने बताया कि उनके घर में पहली बार उन्होंने बल्ब में बिजली देखी है। एक परवेज अहमद खान के अनुसार हमारे यहां बिजली की दिक्कत थी। न बच्चे रात को पढ़ पाते थे और ना ही ही घरेलू काम हो पाते थे।