घाटी में पहले भी विधानसभा चुनावों में कम मतदान रिकार्ड किया गया है। वर्ष 2002 में श्रीनगर जिले के छह विधानसभा सीटों पर पांच प्रतिशत से भी कम मत पड़े थे। इनमें अमीराकदल में 3.06, हब्बाकदल में 3.21, बटमालू में चार, खान्यार में 4.22, ईदगाम में 4.75 व जदिबल में 4.78 फीसदी मतदान हुआ था।
लोकसभा उप चुनाव में हुई थी भारी हिंसा
पीडीपी से तारिक हमीद कर्रा के इस्तीफा देने के बाद हुए श्रीनगर लोकसभा उप चुनाव में भी सात फीसदी मतदान हुआ था। इसमें नेकां के डा. फारूक अब्दुल्ला निर्वाचित हुए थे। चुनाव में भारी हिंसा हुई थी जिसमें 8 लोगों को जान गंवानी पड़ी थी। कई घायल हो गए थे। इसी चुनाव में मेजर लीतुल गोगोई ने एक युवक को सेना की जीप के बोनट पर बांधकर घुमाया था। जिसका काफी विरोध हुआ था।
शालीन काबरा, सीईओ, जम्मू कश्मीर ने कहा कि, चुनाव शांतिपूर्ण संपन्न हो गए, यह सबसे अच्छी बात है। मतदान का प्रतिशत घाटी के कुछ हिस्से में कम रहा, जबकि अन्य जगहों पर लोग मत डालने निकले। उम्मीद है कि अगले चरण में मतदान का प्रतिशत और अधिक बढ़ेगा।