संवाद न्यूज एजेंसी
अखनूर। समाज कल्याण विभाग के अधीन विभिन्न केटेगरी में पेंशन लेने वाले उपभोक्ता को दोबारा पेंशन लेने का सत्यापन करने पर पेंशन होल्डर को बड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पेंशन होल्डर ने सरकार से मांग की है कि पेंशन से संबंधित दस्तावेजों को बनाने के लिए कम से कम रियायत दी जाए। पेंशन उपभोक्ताओं में नए आदेश को लेकर रोष है।
जिला जम्मू में समाज कल्याण विभाग के अधीन करीब 1.20 लाख वृद्धावस्था, विधवा, दिव्यांग और टांसजेडर लोगों को पेंशन दी जाती, जिसमें अखनूर क्षेत्र में 25 हजार लाभार्थी हैं। मगर सरकार द्वारा सभी पेंशनरों को दोबारा फिर से पेंशन के लिए जरूरी दस्तावेज की जांच के लिए दस्तावेज जमा कराने के आदेश जारी किए हैं, जिसमें अलग-अलग केटेगरी में डोमिसाइल, तीन डाॅक्टरों की जांच प्रणामपत्र, बैंक पासबुक और प्रथम क्लास मजिस्ट्रेट का लिखित हलफनामा शामिल है। इस पर ऑनलाइन कई उपभोक्ताओं द्वारा दस्तावेज जमा नहीं कराने पर उनकी पेंशन बंद हो गई है। वहीं वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांगों द्वारा जानकारी का अभाव कम होने पर दरदर की ठोकरें खाने पर मजबूर हो गए हैं।
वृद्ध मंगल राम ने बताया कि सरकार द्वारा मात्र एक हजार रुपये पेंशन के तौर पर पांच साल से दी जा रही है, जिस पर खर्च किया जाता रहा है। मगर अब सरकार द्वारा एक ऐसा आदेश आया है, जिस पर सभी दस्तावेज तैयार करना इस उम्र में बस की बात नहीं है। डोमिसाइल सहित अन्य दस्तावेज तैयार करने के लिए कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया सरकार द्वारा मात्र एक हजार रुपये पेंशन के लिए ऐसी इतनीं जांच नहीं करनी चाहिए, जब इस उम्र में पेंशन वही लेता है, जिसे जरूरत है। सरकार को आदेश तुरंत वापस लेना चाहिए।
विधवा कुंती देवी ने बताया कि इस आदेश से बड़ी संख्या में पेंशन उपभोक्ताओं की पेंशन बंद हो जाएगी। सभी दस्तावेज तैयार करने में महीनों लग सकते हैं। परेशानी अलग से। उन्होंने बताया कि सरकार को चाहिए कि दस्तावेज के लिए घरों से ही जांच शुरू की जाए, इसमें कई घरों के बहार भी नहीं आ सकते। ऐसे में सरकार को तुरंत ही आदेश वापस लेना चाहिए।
समाज कल्याण विभाग के क्षेत्र अघिकारी अमन बली ने बताया कि पेंशन के लिए उपभोक्ताओं को द्वारा आदेश के तहत दस्तावेज जमा कराने के साथ पेंशन मिलेगी।