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Jammu News: पेंसिल फैक्टरी में आग के बाद कर्मचारियों को 31 तक दी छुट्टी

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जम्मू। पेंसिल फैक्टरी में आग पर तो काबू पा लिया है लेकिन हालात सामान्य नहीं है। फैक्टरी परिसर में सन्नाटा, जमीन पर टनों के हिसाब से पड़ी पेंसिल, कच्चे माल के बड़े ढेर, दीवारों, छत पर धुएं के गहरे निशान और क्षतिग्रस्त शेड भयावहता को बयां कर रहा हैं।
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रोजाना दिखने वाली चहल-पहल गायब है। सुबह से रात तक जहां कर्मचारियों की भीड़ रहती थी, वहां वीरानी है। घटना ने न सिर्फ फैक्टरी के कामकाज को ठप कर दिया, बल्कि हजारों कर्मचारियों के सामने अनिश्चितता खड़ी कर दी है। कर्मचारी इस चिंता में है कि अब दोबारा काम शुरू हो पाएगा या नहीं। बुधवार को फैक्टरी का मुख्य गेट बंद था। पैकेजिंग सेक्शन के कुछ कर्मचारियों को बुलाया था जबकि अन्य कर्मचारियों को 31 जनवरी तक छुट्टी दे दी। परिसर में प्रबंधन के लोग थे जो जले हुए सामान हटाने का काम करवा रहे थे। सबसे ज्यादा असर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट पर पड़ा है जो पूरी तरह तबाह हो गया है। वहां मशीनें कबाड़ बन चुकी हैं।
गेट पर दिनेश राम मिले, जो बिहार से हैं और 2016 से काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि वह नाइट शिफ्ट में ड्यूटी देते हैं। मंगलवार शाम छह बजे पहुंचा तो मंजर भयावह था। कभी सोचा नहीं था कि आग इतना भीषण रूप लेगी। पहले भी आग लगती थी, लेकिन अपने स्तर पर बुझा लेते थे। इस बार सब कुछ खत्म हो गया। काम शुरू होगा या नहीं, यह तो उसे भी पता नहीं है। कंपनी के वरिष्ठ कर्मचारी ने कहा कि करोड़ों का नुकसान हुआ है। पूरे ढांचे को नए सिरे से तैयार करने में दो साल का समय लगेगा। जहां से आग की शुरुआत हुई, वहां ड्रिलिंग का काम चल रहा था।
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बाडी ब्राह्मणा से आता था कच्चा माल
पेंसिल को बाड़ी ब्राह्मणा में तैयार किया जाता है। वहां से कच्चा माल ट्रकों की मदद से तालाब तिल्लो स्थित फैक्टरी में आता है। यहां पर पेंसिल पर रंग, नाम, कोटिंग और फिर पैकिंग होती है। इसके बाद तैयार हुआ माल विभिन्न राज्यों के लिए भेजा जाता है। फैक्टरी में केमिकल काफी ज्यादा रहता है। ऐसे में मामूली चूक जानलेवा साबित हो सकती है।
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