- तालाब तिल्लो की घटना, दोपहर साढ़े तीन बजे शॉर्ट सर्किट के कारण लगी आग
- लकड़ी और केमिकल होने के कारण आग ने लिया रौद्र रूप, तीन से चार यूनिट में मची तबाही
जम्मू। तालाब तिल्लो में कमला पैलेस के पास पेंसिल फैक्टरी (नटराज) में मंगलवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे भीषण आग लग गई। इससे कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई। मौके पर दमकल विभाग को सूचित किया। मगर ट्रैफिक जाम और रिहायशी इलाका होने के कारण फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को घटनास्थल पर पहुंचने में समय लग गया। इस कारण आग ने रौद्र रूप ले लिया। छह घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद 15 से अधिक वाहनों की मदद से आग पर काबू पाया गया। गनीमत रही कि कोई जानी नुकसान नहीं हुआ।
फैक्टरी में सुबह की शिफ्ट चल रही थी। मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में 250 कर्मचारी काम कर रहे थे। पेंसिल पर केमिकल कोटिंग के साथ अन्य काम हो रहा था। इस दौरान मशीन में कुछ खराबी आई। एक कर्मचारी मशीन की जांच कर रहा था कि अचानक शाॅर्ट सर्किट हुआ और चिंगारी निकली। लकड़ी और केमिकल होने के कारण आग पूरी यूनिट में फैल गई। धुआं निकलते देख पैकिंग यूनिट में काम करने वाले कर्मचारी बाहर की ओर भागे। कुछ कर्मचारियों ने फायर एग्जॉस्ट सिस्टम से आग बुझाने की कोशिश की। लेकिन आग इतनी भीषण थी कि देखते ही देखते तीन से चार यूनिट में फैल गई।
हालात नियंत्रण से बाहर होने के बाद कर्मचारियों ने दमकल विभाग को सूचना दी। हालांकि जब तब दमकल विभाग की गाड़ियां घटनास्थल तक पहुंचती, आग बेकाबू हो गई थी। मुख्य प्रवेश और पीछे की ओर से आग पर काबू पाने की कोशिश की गई। पहले एक साथ चार वाहनों से पानी की बौछारें की गईं लेकिन लपटों पर कोई असर नहीं हुआ। इसके बाद प्रशासन ने जेसीबी मशीनों की मदद से मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में मौजूद सभी पेंसिल के कच्चे माल को जमीन पर बिखेर दिया जिसके बाद आग पर काबू पाया गया। दमकल कर्मियों को आग पर काबू पाने में छह घंटे लग गए।
सबसे बड़ी चुनौती ट्रैफिक जाम की रही। दमकल कर्मी गाड़ियों से नीचे उतर कर वाहन चालकों को रास्ता देने के लिए कहने लगे। आग काफी भीषण थी। शुरुआत में 12 हजार लीटर क्षमता की तीन गाड़ियां आग बुझाने में लगी थीं। करीब 15 से अधिक दमकल वाहन बचाव कार्यों में जुटे रहे। आसपास रिहायशी इलाका होने के कारण अतिरिक्त बल तैनात किया गया। गांधी नगर फायर स्टेशन से नौ, कैनाल रोड़ी, मुट्ठी और पक्का डंगा फायर स्टेशन से गाड़ियों को भेजा गया।
-मोहम्मद जाफर, डिविजन फायर अफसर, गांधीनगर मुख्यालय।
फैक्टरी में पेंसिल बनाने के लिए लकड़ी और केमिकल का उपयोग हो रहा है। इस कारण आग कुछ ही मिनटों में फैल गई। सूचना मिलने के बाद आग पर काबू पाने में लगे। रिहायशी इलाके में फैक्टरी होने के कारण प्राथमिकता थी कि आग आसपास न फैले। छह घंटे तक पानी की बौछारें मारी गईंं।
-हिमांशु गंडोत्रा, असिस्टेंट डायरेक्टर, फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज जम्मू-कश्मीर।