कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से बिजली बिलों का लेनदेन नहीं हो पाया। कर्मचारी बिलों को वितरित करने के लिए घरों में नहीं गए। वहीं, कार्यालयों में भी बिल जमा नहीं हो पाए। लोगों को मायूस होकर घर लौटना पड़ा। अब हड़ताल समाप्त होने तक बिलों की अदायगी नहीं होगी।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अगर तीन दिन के अंदर मांगें नहीं मानी गईं तो अन्य काम पर भी असर पड़ सकता है। मांग का हल न होने पर अन्य कामकाज भी ठप रखा जाएगा। फिलहाल बिजली का मरम्मत कार्य करने के अलावा तारें बदलने का काम सुचारु रूप से चला है।