केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल ने अदालत में हलफनामा दाखिल कर घाटी में पेलेट गन के इस्तेमाल को बेहद जरूरी बताया है।
पेलेट गन पर रोक संबंधी जनहित याचिका का जवाब दाखिल करते हुए सीआरपीएफ ने जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट से कहा, घाटी में जिस तरह के प्रदर्शन होते हैं, उसे नियंत्रित करने के लिए पेलेट गन ही उपयुक्त हथियार है। य
दि इसके इस्तेमाल पर रोक लगाई जाती है तो हालात बिगड़ने पर मजबूरी में फायरिंग करनी पड़ सकती है। ऐसे में ज्यादा मौतें हो सकती हैं। वर्ष 2010 में पेलेट गन का इस्तेमाल शुरू किया गया था। तब से पेलेट गन को रॉयट कंट्रोल में इस्तेमाल होने वाले हथियार की स्वीकृति दी गई है।
9 जुलाई से 11 अगस्त सीआरपीएफ ने भीड़ नियंत्रित करने के लिए तीन हजार पेलेट गोलियां इस्तेमाल की गईं हैं। हर एक पेलेट गोली में 450 धातु के छर्रे होते हैं। पंप एक्शन गन से सीआरपीएफ ने 3765 गोलियों का इस्तेमाल किया।