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कश्मीर हिंसा के लिए पेलेट गन ही उपयुक्त हथियार: CRPF

Fri, 19 Aug 2016 11:46 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/श्रीनगर
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गश्त करते जवान - फोटो : PTI
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केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल ने अदालत में हलफनामा दाखिल कर घाटी में पेलेट गन के इस्तेमाल को बेहद जरूरी बताया है।
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पेलेट गन पर रोक संबंधी जनहित याचिका का जवाब दाखिल करते हुए सीआरपीएफ ने जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट से कहा, घाटी में जिस तरह के प्रदर्शन होते हैं, उसे नियंत्रित करने के लिए पेलेट गन ही उपयुक्त हथियार है। य

दि इसके इस्तेमाल पर रोक लगाई जाती है तो हालात बिगड़ने पर मजबूरी में फायरिंग करनी पड़ सकती है। ऐसे में ज्यादा मौतें हो सकती हैं। वर्ष 2010 में पेलेट गन का इस्तेमाल शुरू किया गया था। तब से पेलेट गन को रॉयट कंट्रोल में इस्तेमाल होने वाले हथियार की स्वीकृति दी गई है।
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9 जुलाई से 11 अगस्त सीआरपीएफ ने भीड़ नियंत्रित करने के लिए तीन हजार पेलेट गोलियां इस्तेमाल की गईं हैं। हर एक पेलेट गोली में 450 धातु के छर्रे होते हैं। पंप एक्शन गन से सीआरपीएफ ने 3765 गोलियों का इस्तेमाल किया।
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11 अगस्त तक दागे गए 8650 आंसू गैस के गोले

कश्मीर हिंसा - फोटो : PTI
सीआरपीएफ ने अदालत को बताया कि भीड़ नियंत्रण के लिए घाटी में कम घातक और गैर घातक श्रेणी के 14 हथियारों का इस्तेमाल किया गया है।

वहीं पैरा मिलिट्री फोर्स के आईजी ने अदालत को बताया 11 अगस्त तक भीड़ नियंत्रण करने उद्देश्य से 8650 आंसू गैस के गोले दागे गए। सीआरपीएफ ने 2671 प्लास्टिक गोलियां भी चलाईं।

सीआरपीएफ ने माना कि भीड़ नियंत्रण करने के लिए तय स्टैंडर्ड आपरेटिंग प्रोसीजर के तहत पेलेट फायरिंग कमर के नीचे की जाती है, लेकिन घाटी में हिंसक प्रदर्शन जगह बदलकर और अचानक होते हैं जिससे एसओपी पर अमल में दिक्कतें आती हैं।
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