जम्मू-कश्मीर में कोरोना की तीसरी लहर का पीक गुजर गया है। 22 जनवरी 2022 को प्रदेश में सर्वाधिक 6568 मामले कोरोना की तीसरी लहर का पीक था। यह कहना है जम्मू संभाग के सबसे बड़े अस्पताल जीएमसी जम्मू की प्रिंसिपल एवं डीन के अलावा माइक्रोबायोलॉजी विभाग की प्रमुख डॉ. शशि सूदन का। सूदन के अनुसार कोरोना की तीसरी लहर अब ढलान पर है। नए संक्रमित मामलों में लगातार गिरावट दर्ज होती चली जाएगी। लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि हम लापरवाह हो जाएं।
मामलों को न्यूनतम स्तर पर लाने के लिए स्वास्थ्य निर्देशावली का पालन करना ही होगा। मास्क पहनकर ही घर से बाहर निकला, हाथों को साफ करते रहना, भीड़भाड़ में न जाना और दो गज की दूरी को बनाकर रखना होगा।
उल्लेखनीय है कि कोरोना की तीसरी लहर का प्रकोप करीब एक महीने तक ज्यादा रहा।
इस दौरान करीब एक लाख तीन हजार लोग कोरोना संक्रमित हुए और 200 मरीजों की जान भी गई। कोरोना की तीसरी लहर में विशेषज्ञों के अनुसार ज्यादातर संक्रमित मरीज ओमिक्रान वैरिएंट की चपेट में आए थे। यह वैरिएंट डेल्टा व डेल्टा प्लस वैरिएंट की तरह बहुत ज्यादा जानलेवा नहीं था।
ऐसे में ज्यादातर मरीज घर पर ही आइसोलेशन में रहकर स्वस्थ हुए। प्रदेश के अस्पतालों में 5038 बेड कोरोना मरीजों के लिए रखे गए थे। इनमें से चार फरवरी तक केवल आठ फीसदी बेडों पर ही मरीज आ पाए। ऐसे में अस्पतालों में कोरोना की पहली व दूसरी लहर की तरह न ही ओवरलोड जैसी कोई बात रही और न ही आक्सीजन के लिए ही मारामारी हुई।