पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने कहा है कि कुछ लोग अपने हितों के लिए भारत और पाकिस्तान के बीच शांति वार्ता की प्रक्रिया में खलल डाल रहे हैं। ऐसे लोग पठानकोट जैसे हमले और धर्म के नाम पर समाज को बांट रहे हैं।
यदि जम्मू-कश्मीर में हिंसा को रोकना है तो पाकिस्तान के साथ शांति वार्ता जारी रखना सबसे जरूरी है। फारूक रविवार को अखनूर में एक अस्पताल का उद्घाटन करने पहुंचे थे।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान जाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शांति वार्ता के लिए अच्छा संकेत दिया, जो कांग्रेस पिछले दस सालों में नहीं कर पाई। उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान दोनों देश परमाणु संपन्न देश हैं। इसलिए दोनों के हितों के लिए शांति प्रक्रिया ही एकमात्र साधन है।