संघर्ष विराम की घोषणा के बाद जम्मू-कश्मीर में शांति तो है, लेकिन पीएम नरेंद्र मोदी के संबोधन के बाद जिस तरह से दुश्मन के ड्रोन आए उससे लोग शांति कायम रहने को लेकर असमंजस में हैं। सेना और हमारे अन्य सुरक्षा बल मुस्तैद हैं। पुलिस कर्मी भी गांव-गांव जाकर लोगों को हिम्मत बंधा रहे हैं। इससे तनावपूर्ण शांति के बीच भी लोगों का हौसला बना हुआ है। पेश है रिपोर्ट...
भारत और पाकिस्तान के बीच कई दिनों तक चली गोलाबारी और मिसाइल हमलों के बाद अब संघर्षविराम लागू हो चुका है, लेकिन जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती गांवों में रहने वाले लोग आज भी उस तबाही और मानसिक आघात से जूझ रहे हैं, जिसने उनके जीवन की नींव हिला कर रख दी है।
विज्ञापन
लगातार तोपों से बरसे गोले और हवाई हमलों ने सैकड़ों परिवारों को बेघर और असहाय बना दिया है। एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि अब तक हुए प्रारंभिक आकलन में कुल 147 बुनियादी ढांचे क्षतिग्रस्त पाए गए हैं, जिनमें 54 व्यावसायिक प्रतिष्ठान शामिल हैं।
आवासीय इमारतों में से 21 पूरी तरह नष्ट हो चुकी हैं, जबकि शेष आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हैं। उन्होंने बताया कि मंगलवार को ही चार गोले निष्क्रिय किए गए हैं। यानी खतरा अब भी पूरी तरह टला नहीं है।
विज्ञापन
कुल 42 प्रभावित गांवों में से 40 में लोग पहले से रह रहे थे और इनमें से आधे से अधिक गांवों में अब स्थानीय लोगों को वापस लौटने की अनुमति दे दी गई है। कुछ लोग अपने जले-उजड़े घरों में लौट चुके हैं, तो कई सिर्फ देखने पहुंच रहे हैं कि उनके आशियाने का क्या हाल है।
ऐसी ही पीड़ा गुलाम दीन की है, जिनकी थकी और उनींदी आंखें बहुत कुछ कह देती हैं। वह कहते हैं, हमारा उजड़ा घर आपके सामने है। पाकिस्तान की गोलाबारी ने हमसे सब कुछ छीन लिया। एक अन्य स्थानीय निवासी बशारत अहमद कहते हैं, हमारे घर और दुकानें गोलाबारी में पूरी तरह से नष्ट हो गई हैं। एक बार फिर हम गरीब लोग सीमापार की हिंसा के शिकार बन गए। उन्होंने सवाल किया कि हमेशा हमें ही क्यों निशाना बनाया जाता है?
Kashmir: कुपवाड़ा पहुंचे मुख्यमंत्री, उमर अब्दुल्ला ने तंगधार में जाना हाल; गोलाबारी पीड़ितों से की मुलाकात
हालांकि पीएम नरेंद्र मोदी के संबोधन के बाद जिस तरह से दुश्मन के ड्रोन आए उससे लोग शांति कायम रहने को लेकर असमंजस में हैं। सेना और हमारे अन्य सुरक्षा बल मुस्तैद हैं। पुलिस कर्मी भी गांव-गांव जाकर लोगों को हिम्मत बंधा रहे हैं। इससे तनावपूर्ण शांति के बीच भी लोगों का हौसला बना हुआ है।