अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) वक्फ कानून के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी। पार्टी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने श्रीनगर स्थित पार्टी मुख्यालय में पत्रकारों को संबाेधित करते हुए कहा कि एक-दो दिन में सुप्रीम कोर्ट के वकील के जरिए संशोधन को चुनौती देंगे।
उन्होंने कहा, मुझे बताएं कि इसे लाने से पहले मुसलमानों को क्यों नहीं साथ लिया गया। उमर अब्दुल्ला और फारूक अब्दुल्ला ने इसका विरोध नहीं किया। कहा, पिछले तीन दिनों से विधानसभा में सत्ताधारी पार्टी का ड्रामा चल रहा है। फिर ट्यूलिप गार्डन में जो हुआ, वह दुर्भाग्यपूर्ण है।
महबूबाके अनुसार, किरेन रिजिजू का स्वागत करके उमर और फारूक अब्दुल्ला ने देश के मुसलमानों को संदेश दिया है कि संसद में आपके साथ जो हुआ, यहां (जम्मू-कश्मीर में) सरकार उसके साथ है।
विधानसभा में हंगामे की वजह थी। एलजी ने तीन बिल पास किए थे। इनमें डेलीवेजरों की स्थायी नियुक्ति, गरीबों को जमीन देने और तीसरा शराब पर प्रतिबंध। इनसे ध्यान हटाने के लिए विधानसभा में हंगामा हुआ। हंगामा इसलिए भी था ताकि नेशनल कांफ्रेंस नेतृत्व का ध्यान वक्फ कानून लाने वाले मंत्री किरेन रिजिजू का स्वागत करने वाले मामले से भटकाया जाए।