राजनीतिक कैदियों की रिहाई के लिए मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद के दिशा-निर्देशों पर बवाल खड़ा होने पर भाजपा के किसी बड़े नेता से जवाब देते नहीं बन रहा। प्रदेशाध्यक्ष जुगल किशोर शर्मा तक जवाब देने से बचते रहे।
ऐसा लगा कि भाजपा ने इस मामले में पार्टी का पक्ष रखने के लिए भाजपा विधायक एवं भाजयुमो के प्रदेशाध्यक्ष रविंद्र रैणा को आगे किया है। रैणा का कहना है कि करीब 25 साल तक रियासत में खूनी खेल खेलने वाले किसी भी आतंकवादी या अलगाववादी नेता को रिहा करने का पुरजोर विरोध होगा।
उनका कहना है कि सड़क से लेकर विधानसभा तक पार्टी अपना विरोध जता सकती है। पीडीपी के साथ गठबंधन के लिए न्यूनतम साझा कार्यक्रम बना है। इस दायरे से बाहर जाकर अगर कुछ भी किया जाता है तो यह मर्यादा का उल्लंघन होगा। देश की सुरक्षा के लिए खतरा किसी भी अलगाववाद नेता की रिहाई शहीद जवानों का अपमान होगा। इसे किसी कीमत पर भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।