संसद पर हमले के आरोपी अफजल गुरु के अवशेषों को लेकर एक बार फिर देश में सियासी राजनीति गरमाने की तैयारी की जा रही है। घाटी आधारित पार्टियों नेकां तथा पीडीपी सहित इत्तेहाद अवाम पार्टी ने परिवार वालों को अवशेष सौंपने की मांग तो की है।
अब कांग्रेस ने भी इसमें कूदते हुए इस मुद्दे पर राजनीति शुरू कर दी है। मुंबई हमले के आरोपी याकूब मेनन की फांसी के बाद उसके परिवार वालों को अवशेष सौंपे जाने के बाद अफजल के अवशेषों को सौंपने की मांग करने वालों का तर्क है कि सभी के साथ समान व्यवहार किया जाना चाहिए।
यह कश्मीरियों के साथ भेदभाव है। ज्ञात हो कि अफजल को फांसी दिए जाने के बाद से ही उसके शव परिवार वालों को दिए जाने की मांग घाटी में लगातार उठती रही है।