पीडीपी की अध्यक्षता महबूबा मुफ्ती
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सरकार के साथ बातचीत करने, लेफ्टिनेंट गवर्नर तथा विदेशी राजनयिकों के प्रतिनिधिमंडल से मिलने पर पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) ने अपने आठ वरिष्ठ नेताओं को निकाल दिया है। कहा कि लोगों की आकांक्षाओं के विपरीत जाने पर इन नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की गई है। सोशल नेटवर्किंग साइट ट्विटर पर इन नेताओं को निकाले जाने की सूचना दी गई।
जिन नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की गई है उनमें दिलावर मीर, रफी अहमद मीर, जफर इकबाल, अब्दुल मजीद पाडर, राजा मंजूर खान, जावेद हुसैन बेग, कमर हसन तथा अब्दुल रहीम राथर हैं। सभी पूर्व विधायक रहे हैं। इन नेताओं ने पूर्व पीडीपी नेता सैय्यद अल्ताफ बुखारी के आगे घुटने टेक दिए और उप राज्यपाल से मिलने वाले प्रतिनिधिमंडल के सदस्य बने। इसके साथ ही कश्मीर के दौरे पर आए 15 देशों के राजनयिकों से भी मिले।
पार्टी ने कहा है कि पांच अगस्त के बाद उत्पन्न स्थितियों से जनता की भावनाओं को चोट पहुंचा है। यह संज्ञान में आया है कि पार्टी के कुछ नेता सरकार से परस्पर बातचीत का हिस्सा बने जो राज्य के हितों तथा पार्टी के उद्देश्यों के विपरीत है। पार्टी की अनुशासनात्मक समिति ने इन नेताओं को निकालने जाने की संस्तुति की।
तीसरा मोर्चा बनाने में जुटे थे निकाले गए नेता
जिन नेताओं को निकाला गया है उनकी ओर से घाटी में तीसरे मोर्चे के गठन किए जाने की कोशिशें की जा रही हैं। इसी के तहत गत मंगलवार को उप राज्यपाल से मिलकर इन्होंने राज्य का दर्जा बहाल करने, राजनीतिक बंदियों को रिहा करने, पांच अगस्त के बाद पर्यटन समेत विभिन्न उद्योगों को पहुंचे नुकसान की भरपाई करने की मांग की गई। अब घाटी में इसे मजबूत करने की कवायदें चल रही हैं।