कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष गुलाम अहमद मीर ने पीडीपी-भाजपा गठबंधन सरकार पर बाढ़ पीड़ितों का अपमान करने का आरोप लगाते हुए सरकार की ओर से घोषित पैकेज पर सवाल उठाए हैं।
मीर का कहना है कि पूरी तरह से क्षतिग्रस्त पक्का मकान पर तीन लाख और पूरी तरह से क्षतिग्रस्त कच्चा मकान पर डेढ़ लाख की राशि का पैकेज कांग्रेस को स्वीकार नहीं है और इससे बाढ़ पीड़ितों के जख्मों पर नमक छिड़कने का काम किया गया है।
उन्होंने गठबंधन सरकार पर आरोप लगाया है कि उसने सत्ता में बने रहने के लिए रियासत के लोगों की आकांक्षाओं का गला घोंट दिया है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गुलाम अहमद मीर ने कहा है कि बाढ़ पीड़ितों को पर्याप्त राहत देने का वादा कर पीडीपी को कश्मीर संभाग में वोट मिला और अब मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद वादों को भूल गए हैं।
उनका कहना है कि कांग्रेस पार्टी पूरी तरह से क्षतिग्रस्त मकान के लिए राहत राशि को दस लाख रुपये करने की मांग कर रही है।
उनका कहना है कि रियासती सरकार ने 2014 में आई विनाशकारी बाढ़ के पीड़ितों को राहत मुहैया करवाने के लिए केवल 3800 करोड़ का पैकेज रखा है।