जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने एक बड़ा फैसला लेते हुए अपने घर पर नजरबंद पूर्व मुख्यमंत्री और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती को 14 माह बाद रिहा करने का फैसला किया है। प्रदेश सरकार के प्रमुख सचिव शालीन काबरा की ओर से मंगलवार शाम को जारी आदेश के अनुसार सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम (पीएसए) में अपने घर पर नजरबंद महबूबा मुफ्ती को मुक्त किया जाता है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, वह शुक्रवार को मीडिया से मुखातिब हो सकती हैं। महबूबा मुफ़्ती को 5 अगस्त को जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने से पूर्व नेकां अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला और उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला समेत कई प्रमुख राजनेताओं के साथ नजरबंद किया गया था।
शुरू में केवल उन्हे प्रिवेंटिव डिटेन्शन में रखा गया लेकिन बाद में 6 फरवरी को महबूबा मुफ़्ती और उमर अब्दुल्ला दोनों पर सरकार ने पीएसए लगाया गया था। फारूक और उमर की रिहाई के बाद महबूबा की रिहाई के लिए लंबे समय से मांग उठ रही थी।
महबूबा की रिहाई के लिए उनकी बेटी इल्तिजा ने सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दाखिल थी। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और प्रदेश सरकार को नोटिस जारी कर यह पूछा था कि किसी व्यक्ति को कितने दिनों तक हिरासत में रखा जा सकता है।