नेशनल कांफ्रेंस के प्रधान एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री डा. फारूक अब्दुल्ला ने पीडीपी भाजपा गठबंधन पर रियासत में मौकापरस्त सियासत करने का आरोप लगाया है।
डा. फारूक का कहना हैं कि वैचारिक मतभेदों वाली पार्टियां केवल सत्ता लाभ के लिए आपसी में मिली है। उनका कहना हैं कि भारत में धार्मिक सद्भाव देश के विकास के लिए जरूरी है।
उन्होंने कहा नेशनल कांफ्रेंस के संस्थापक एवं शेर ए कश्मीर शेख मोहम्मद अब्दुल्ला ने भारत में धार्मिक निरपेक्षता को देखते हुए ही धर्म निरपेक्ष भारत को अपनाया था।
पूर्व केंद्रीय मंत्री का कहना हैं कि देश के किसी भी हिस्से में जब भी कोई सांप्रदायिक घटना घटती हैं तो कश्मीर घाटी पर इसका असर पड़ता है और शांति के लिए भी यह बाधक है।