जम्मू-कश्मीर में गठबंधन की राजनीति में अनूठे प्रयोग से एक मार्च 2015 को अस्तित्व में आई पीडीपी-भाजपा सरकार के एक सितंबर को सत्ता में आए छह माह पूरे हो रहे हैं।
पीडीपी-भाजपा की सरकार का छह महीनों की अवधि में अलगाववाद तो कभी क्षेत्रवाद तो कभी पाकिस्तान की ओर से युद्ध विराम उल्लंघन, आतंकवादी वारदातों से उपजे हालात से गठबंधन के संयम का इम्तिहान भी लिया है तो विकास की राह पर रियासत को दौड़ाने के लिए कई अहम फैसले भी इस सरकार ने लिए हैं।
जम्मू संभाग में एम्स का मुद्दा गर्माए रहने से पीडीपी-भाजपा गठबंधन सरकार को कई दिन समस्याओं का सामना करना पड़ा। कई दिन जम्मू बंद रहा। पाकिस्तान की ओर से पुंछ और आरएस पुरा सेक्टर में युद्ध विराम के उल्लंघन से हालात चिंताजनक बने। कई लोगों की मौत भी हुई। घायल भी हुए।
सरकार की शुरुआत में रियासत में शांतिपूर्ण चुनाव के लिए पाकिस्तान को श्रेय देने वाले मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की सरकार ही अब पाकिस्तान को आतंकवादी देश घोषित करने की मांग कर रही है। उपमुख्यमंत्री डा. निर्मल सिंह ने यह मांग अंतरराष्ट्रीय समुदाय से की है।