Omar Abdullah and Mehbooba Mufti
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जम्मू-कश्मीर में कश्मीर केंद्रित राजनीति करने वाली दो प्रमुख सियासी दल भाजपा को सत्ता में आने से रोकने के लिए आगामी विधानसभा चुनाव गठबंधन में लड़ सकते हैं।
पार्टी सूत्रों की मानें तो कश्मीर में विधानसभा की 46 सीटें हैं। जबकि जम्मू संभाग में केवल 37 सीटें। कश्मीर संभाग में भाजपा का आधार पहले से कुछ बढ़ा है। कश्मीर संभाग से भाजपा ने तीन विधान परिषद के सदस्य बनाए हैं। श्रीनगर नगर निगम का मेयर भी भाजपा के समर्थन से बना हुआ है। पंचायत चुनाव भी कई सरपंच और पंच भाजपा से चुनकर आए हैं।
जम्मू संभाग से पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 25 सीटों पर जीत दर्ज की थी और करीब तीन सीटों पर भाजपा बहुत ही कम वोटों के अंतर से हारी थी। ऐसे में पीडीपी और नेशनल कांफ्रेंस भाजपा को सत्ता में आने से रोकने के लिए गठबंधन में चुनाव लड़ सकते हैं। 2018 में भी पीडीपी, नेशनल कांफ्रेंस और कांग्रेस ने रियासत में गठबंधन सरकार बनाने का प्रयास किया था।
उत्तर प्रदेश की राजनीति से ली प्रेरणा
उत्तर प्रदेश में सियासी विरोधी रही समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के गठबंधन से प्रेरणा लेकर पीडीपी और नेकां में भी गठबंधन की सुगबुगाहट तेज हो चुकी है। हालांकि अभी इन पार्टियों के नेता अभी इस बारे में कुछ बोलने को तैयार नहीं है। लेकिन चर्चा तेज है।
भाजपा अपने बलबूते सरकार बनाने भर रही दंभ
आगामी विधानसभा चुनाव से पहले ही भाजपा रियासत में अपने बलबूते सरकार बनाने का दंभ भर रही है। भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष रवींद्र रैना के अनुसार भाजपा रियासत में अगली सरकार बनाएगी और मुख्यमंत्री भी भाजपा से ही होगा।