राज्य के पहाड़ी भषियों के आरक्षण का रास्ता भी अब साफ हो गया। इससे संबंधित संशोधित विधेयक शनिवार को विधानसभा में ध्वनिमत से पारित हो गया। विधेयक पारित होने के साथ ओएससी वर्ग के लिए आरक्षण का मौजूदा प्रावधान भी दो से बढ़कर चार फीसदी तक पहुंच गया है।
विधानसभा में कानून मंत्री मीर सैफउल्लाह ने जम्मू कश्मीर आरक्षण संशोधन विधेयक 2004 में पेश किया था। कानून मंत्री मीर सैफउल्लाह और पहाड़ी बोर्ड के उप चेयरमैन कफील उर्ररहमान ने विधेयक का समर्थन करते हुए कहा कि पहाड़ी भाषी लोगों के लिए आरक्षण निहायत जरूरी है। इससे आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक तौर पर पिछड़े इस वर्ग के लोगों को लाभ होगा।