एनएचएआई ने यह फैसला सर्वाेच्च न्यायालय के आदेश पर लिया है। प्रदेश में तीन जुलाई से श्री अमरनाथ यात्रा शुरू होने जा रही है। इस दौरान यात्रा में शामिल वाहन कड़ी सुरक्षा में जत्थे के साथ पहलगाम और बालटाल के लिए रवाना होंगे। इसके अलावा बड़ी संख्या ऐसे यात्रियों की भी रहेगी जो देश भर से अपने निजी वाहनों में यात्रा में शामिल होंगे।
एनएचएआई के इस कदम के बाद नेशनल हाईवे पर अवैध पार्किंग की वजह से जाम की संभावना पूरी तरह से खत्म हो जाएगी। जम्मू-कश्मीर में इस आदेश का असर पठानकोट-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर दिखेगा। यहां लखनपुर से काजीगुंड तक उन भीड़ भरे स्थलों की पहचान कर ली गई है। लखनपुर, कठुआ, सांबा, जम्मू, नगरोटा, रामबन में बड़े पैमाने पर नेशनल हाईवे को पार्किंग के तौर पर इस्तेमाल करने की जानकारी एनएचएआई के पास उपलब्ध है। एनएच पर वाहनों के खड़े रहने से इन स्थानों पर अक्सर जाम लगता है।
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने जम्मू-कश्मीर समेत अलग-अलग राज्यों में अनधिकृत पार्किंग के 595 स्थानों की पहचान की है। यह अनधिकृत पार्किंग हटाने के लिए राज्य सरकार, जिला प्रशासन और प्रवर्तन एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं।
राष्ट्रीय राजमार्ग नियंत्रण (भूमि एवं यातायात) अधिनियम, 2002 के प्रावधानों के तहत राष्ट्रीय राजमार्ग गलियारों से अतिक्रमण हटाने के लिए एनएचएआई ने समन्वित प्रयास किए हैं। आगामी दिनों में प्रशासन के साथ मिलकर नोडल अधिकारियों की तैनाती भी की जाएगी। जिला राजमार्ग सुरक्षा कार्यबलों की स्थापना और अनुपालन की निगरानी सहित अंतर-एजेंसी समन्वय को बेहतर बनाएंगे।
आवाजाही मजबूत होगी, जोखिम होगा कम : एनएचएआई
एनएचएआई के प्रबंधक इश गुप्ता ने कहा, श्री अमरनाथ यात्रा में इस फैसले से मदद मिलेगी। राष्ट्रीय राजमार्गों पर वाहनों की अनधिकृत पार्किंग, सड़क किनारे अतिक्रमण और अनियमित गतिविधियां यातायात के लिए खतरा बने हुए हैं। यह पहल राष्ट्रीय राजमार्गों को सुरक्षित बनाने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएटी) की प्रतिबद्धता बढ़ाएगी। इससे आवाजाही मजबूत होगी और यात्रा का जोखिम भी कम होगा। एनएचएआई ने इसके लिए प्रयास तेज कर दिए हैं।
यातायात प्रबंधन प्रणाली का होगा ऑडिट
एनएचएआई ने अपने फील्ड कार्यालयों को सभी उन्नत यातायात प्रबंधन प्रणाली (एआईएमएस) प्रतिष्ठानों का तत्काल ऑडिट करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही यातायात निगरानी कैमरे, वीडियो घटना पहचान प्रणाली, परिवर्तनीय गति पहचान प्रणाली, परिवर्तनीय संदेश साइनबोर्ड और आपातकालीन कॉल बॉक्स को दुरुस्त करने के लिए कहा गया है। एम्बुलेंस और बचाव वाहनों की तैनाती, गश्त में वृद्धि, एआईएमएस अलर्ट और सुरक्षा ढांचे का रखरखाव, बेहतर प्रवर्तन सुरक्षित यात्रा की जाएगी।