जम्मू-कश्मीर के विभिन हिस्सों से आए 614 जवान शुक्रवार को भारतीय सेना का हिस्सा बन गए। दिलों में देश के प्रति सद्भाव और देश प्रेम का जज्बा लिए इन जवानों ने देश की सेवा करने की शपथ ली। पासिंग आउट परेड के मौके पर सेना की 15वीं कोर के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल डीपी पांडे ने सलामी ली।
श्रीनगर में स्थित जम्मू-कश्मीर लाइट इन्फंट्री (जैकलाई) के बाना सिंह परेड ग्राउंड में शुक्रवार को आयोजित पासिंग आउट परेड के दौरान कोर्स सीरियल नंबर 124 के 614 जवान भारतीय सेना का हिस्सा बने। प्रदेश के विभिन हिस्सों से आए इन युवाओं ने जैकलाई रेजिमेंटल सेंटर में 11 महीने की कड़ी ट्रेनिंग प्राप्त की और एक रंगरूट से वीर जवान में परिवर्तित होकर सेना की जैकलाई का हिस्सा बने।
इस अवसर पर कोविड के चलते इन युवाओं के अभिभावक मौजूद नहीं रहे। पासिंग आउट परेड के दौरान जवानों ने देश सेवा की शपथ ली। इस मौके पर लेफ्टिनेंट जनरल डीपी पांडे ने इन युवाओं को मुबारकबाद दी और उन्होंने जम्मू-कश्मीर से अधिक से अधिक युवाओं को आगे आने और उन्हें सेना में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए उनके योगदान की प्रशंसा की। पांडे ने कहा कि जैकलाई रेजिमेंट अपने आप में एक छोटा हिंदुस्तान है जिसमें जम्मू-कश्मीर के विभिन्न जिलों से अलग अलग धर्मों के युवा मौजूद हैं।
मेधावियों को किया गया पुरस्कृत
परेड के बाद सेना कमांडर ने मेधावी रंगरूटों को पुरस्कार से नवाजा। राजौरी के रंगरूट साहिल कुमार को ओवर ऑल बेस्ट रिक्रूट के लिए शेर-ए-कश्मीर स्वोर्ड ऑफ ऑनर और त्रिवेणी सिंह मेडल से सम्मानित किया गया। बारामुला के रंगरूट इरशाद अहमद डार को बेस्ट इन फायरिंग के लिए चेवांग रिंचेन मेडल से सम्मानित किया गया। जम्मू के रंगरूट सुरिंदर सिंह को बेस्ट इन फिजिकल ट्रेनिंग और कठुआ के रंगरूट को बेस्ट इन ड्रिल के लिए मबूल शेरवानी अवार्ड और बाना सिंह मेडल से नवाजा गया।
यह भी पढ़ें-
जम्मू-कश्मीर: अब नहीं दिखते पत्थरबाज, लद गए पाक-परस्त और देश-विरोधियों के दिन, देखिए तस्वीरें
यह भी पढ़ें-
अनुच्छेद 370 और डोभाल का मिशन कश्मीर: घाटी आए और अपना काम कर गए, पढ़ें किस्सा उस गजब की प्लानिंग का