पैरा मेडिकल परीक्षाओं में लगातार देरी से हजारों विद्यार्थियों का भविष्य अधर में है। पैरा मेडिकल के विभिन्न विषयों में दो साल में पूरा होने वाले कोर्स को पांच साल लग रहे हैं। कश्मीर में बाढ़ के बाद परीक्षा नतीजे लगातार लटक रहे हैं, जिससे विद्यार्थी आवेदन के लिए कुछ नहीं कर पा रहे हैं।
स्टेट मेडिकल काउंसिल के जम्मू संभाग से कंट्रोलर डा. एएस भाटिया के अनुसार जम्मू संभाग के परीक्षा नतीजों को लगभग तैयार कर लिया गया है, लेकिन कश्मीर के नतीजों के साथ ही राज्य स्तर पर नतीजे घोषित किए जाएंगे।
उल्लेखनीय है कि पिछले साल फरवरी में परीक्षाओं के बाद जून में करीब दस फीसदी नतीजे घोषित किए गए थे, जिससे विद्यार्थियों ने कई दिन तक विरोध किया था। इसके बाद दोबारा अगस्त में सप्लीमेंट्री परीक्षाओं में हजारों विद्यार्थी बैठे, लेकिन सितंबर में कश्मीर में बाढ़ से परीक्षाएं और प्रैक्टीकल प्रभावित हुए।
मौसम के बिगड़े मिजाज का जम्मू में भी असर दिखा और नवंबर के मध्य जाकर दोबारा परीक्षाएं मुकम्मल की गईं, लेकिन अब तक नतीजे घोषित नहीं किए जा सके हैं। जानकारी के अनुसार परीक्षाओं में जम्मू संभाग से करीब आठ हजार और कश्मीर संभाग से तीन हजार विद्यार्थी बैठे हैं।
इसमें स्टेट मेडिकल काउंसिल के अधीन लैब, डेंटल, एक्सरे आदि विषयों की परीक्षाएं आयोजित हुईं। इन परीक्षाओं में बैठे राहुल शर्मा ने कहा कि नतीजों में देरी से वे कहीं भी आवेदन नहीं कर पा रहे हैं। पहले ही कोर्स लंबा खिंच गया है।