Panic in border villages due to shelling
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ज्यौड़ियां। पलांवाला सेक्टर में सोमवार की रात को पाकिस्तान की ओर से की गई गोलाबारी के बाद सीमावर्ती गांवों दहशत का माहौल है। दरअसल गांवों के लोगों को सोमवार की रात बंकरों में बीतानी पड़ी थी। कई लोगों के घरों पर गोलाबारी के निशान पड़ गए हैं। मंगलवार को खौड़ के बीडीसी चेयरमैन बलवीर सिंह ने गोलाबारी प्रभावित गांवों का दौरा कर लोगों का हालचाल जाना।
सोमवार की रात को पाकिस्तान ने सेना की चौकियों के अलावा सीमावर्ती गांवों को भी निशाना बनाते हुए गोले बरसाने शुरू कर दिए थे। इससे खौफजदा ग्रामीणों ने बंकरों में छिपकर रात गुजारी। गोलाबारी बंद होने के बाद भी लोगों को घर लौटने की हिम्मत नहीं पट रही थी। ग्रामीण प्रेम चंद तथा कृष्ण लाल ने बताया कि जब पाक सेना गोलाबारी कर रही थी तो पहले गांव से थोड़ी दूरी पर गोले सीमा के नजदीक गिर रहे थे।
अचानक दो गोेले हमारे घरों के नजदीक आ कर गिरे, जिससे परिवार के सभी सदस्य घबरा गए और परिवार के सभी लोग मकान के एक कोने में दुबक कर बैठ गए। ताजा गोलाबारी से सीमावर्ती गांव बदोवाल, छननी दिबानू तथा घिगडयाल का इलाका प्रभावित था। मंगलवार को खौड़ के बीडीसी के चेयरमैन बलबीर सिंह भाऊ ने इन गांवों का दौरा कर लोगों का हालचाल जाना। लोगों ने बताया कि प्रशासन की तरफ से बनाए गए बंकरों की संख्या काफी कम है। इस अवसर पर नायब तहसीलदार बालकृष्ण भी उपस्थित थे।
पंचायत बदोवाल के सरपंच तरसेम लाल, सुबेदार नसीब सिंह सहित क्षेत्र के अन्य लोगों ने भी गांवों की समस्याएं बताईं। बीडीसी चेयरमैन बलबीर सिंह भाऊ ने लोगों को आश्वासन दिया कि वह एसडीएम खौड़ अनिल कुमार ठाकुर से भेंट ग्रामीणों के मसले को उठाएंगे और समस्या के समाधान की कोशिश करेंगे।
बंकरों में पानी भरे होने से परेशानी
गोलाबारी के दौरान ग्रामीण जान बचाने के लिए बंकरों में पहुंचे। लेकिन इस इलाके में ग्रामीणों की संख्या के मुताबिक बंकरों की संख्या कम है। जो बंकर बनाए भी गए हैं, उनमें पानी भरा है, जिसके कारण उसमें रहने में काफी परेशानी होती है। बंकरों से पानी निकास का कोई इंतजाम नहीं है। ग्रामीणों ने बंकरों की संख्या बढ़ाने और उसकी सफाई की मांग की।