डॉ. जितेंद्र सिंह
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पीएमओ में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि आतंकवाद और देश की अखंडता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
भारतीय सुरक्षा बल देशवासियों की सुरक्षा के लिए कवच का काम कर रहे हैं। सुरक्षा बलों पर प्रश्नचिह्न लगाने वाली कांग्रेस सहित अन्य राजनीतिक दलों को देश की जनता जवाब देगी।
बुरहान को आतंकी कहने से परहेज करने वालों के दिलों में देश के लिए खोट है। डा. सिंह शनिवार को जम्मू विश्वविद्यालय के ब्रिगेडियर राजेंद्र सिंह सभागार में डा. कुलदीप चंद अग्निहोत्री की किताब जम्मू-कश्मीर के जननायक महाराजा हरि सिंह के विमोचन समारोह में बोल रहे थे।
'पंडित नेहरू ने किए कई असफल प्रयोग'
डॉ. जितेंद्र सिंह
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उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर को उसी स्वरूप में वापस लाना है, जिसकी स्थापना डुग्गर शासक महाराजा हरि सिंह ने की थी। पाक अधिकृत गिलगित सहित अन्य हिस्सों को भारतीय गणराज्य का हिस्सा बनाना होगा।
उन्होंने कांग्रेस के नेहरू सहित अन्य नेताओं पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर की मौजूदा स्थिति के लिए वे नेता जिम्मेदार हैं जो महाराजा हरि सिंह के बाद सत्ता में आए। नेहरू ने अपने कार्यकाल में कई असफल प्रयोग किए। महाराजा के समय जम्मू-कश्मीर सवा दो लाख वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ था, जो आज आधा ही रह गया है।
महाराजा हरि सिंह की प्रगतिशील सोच थी। उन्होंने सन 1940 में टाउन एरिया कमेटी एक्ट लाया, लेकिन आज सात दशक बीत जाने के बाद भी हम 73वें, 74वें एक्ट में संशोधन नहीं कर पाए हैं। जम्मू-कश्मीर भारत का अहम हिस्सा है और इसमें किसी को कोई शक नहीं होना चाहिए।
उन्होंने राज्यवासियों को आगामी 26 अक्तूबर को विलय दिवस मनाने पर जोर दिया। देश में राष्ट्रवाद को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। जो लोग इस पर प्रश्नचिह्न लगा रहे हैं, उन्हें पहले अपने को खुद को हिंदुस्तानी साबित करना चाहिए।