फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कश्मीर में जल्द ही बजेगा पंचायत चुनाव का बिगुल, घाटी में 12000 पंचों और सरपंचों के पद हैं खाली

Tue, 07 Jan 2020 06:51 PM IST
Pranjal Dixit न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
विज्ञापन
कश्मीर में बैठक - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
कश्मीर में पंचायतों में करीब 12000 पंचों, सरपंचों के पदों को भरने के लिए आगामी चुनाव को पंचायती नुमाइंदों ने कमर कस ली है। इसके लिए आल जम्मूृ-कश्मीर पंचायत कान्फ्रेंस ने कश्मीर के दस जिलों के लिए अपने कोआर्डिनेटर नियुक्त किए हैं। ये कोआर्डिनेटर लोगों को चुनाव के लिए जागरूक और प्रेरित करने का काम करेंगे। 
विज्ञापन


यहां मंगलवार को पत्रकारों से रूबरू होते हुए कान्फ्रेंस के प्रधान अनिल शर्मा ने कहा कि सरकार को जमीनी स्तर पर लोकतांत्रिक और पंचायती व्यवस्था को मजबूत बनाने पर काम करना चाहिए। उन्होंने कश्मीर में शीघ्र पंचायती चुनाव करवाने पर जोर देते हुए कहा कि वर्ष 2018 में प्रमुख दलों और अलगाववादियों के बहिष्कार, आतंकी धमकियों के कारण लोग पंचायती चुनाव में शिरकत नहीं कर पाए थे। जिससे पंचायती स्तर पर विकास प्रभावित हो रहा है। चुनाव आयोग का चुनाव करवाने का फैसला सराहनीय है। 

कान्फ्रेंस के साथ चयनित सरपंच, पंच सरकार के फैसले का स्वागत करते हैं। पंचायती नुमाइंदे चुने से विकास को गति मिलेगी। कान्फ्रेंस की ओर से गुलाम रसूल इत्तू को कोआर्डिनेटर बड़गाम, बिलाल अहमद वानी को अनंतनाग, मनोज पंडिता को पुलवामा, रियाज अहमद भट्ट को कुलगाम, मोहम्मद रफीक को कुपवाड़ा, इरशाद अहमद वानी को बारामूला, मोहम्मद शफी को गांदरबल, निसार अहमद सोफी को बांदीपोरा, अब्दुल रशीद को शोपियां, निसार अहमद भट्ट को श्रीनगर का कोआर्डिनेटर नियुक्त किया गया है। 
विज्ञापन


शर्मा ने एडीजीपी सिक्योरिटी और आईजीपी कश्मीर से मांग की कि सभी कोआर्डिनेटर को पूर्ण सुरक्षा मुहैया करवाई जाए, ताकि वे पंचायत चुनाव के लिए अपनी गतिविधियां सामान्य ढंग से जारी रख सकें। उन्होंने कहा कि कान्फ्रेंस चुनाव का समर्थन करती रही है, जिससे कश्मीर में पंचायती स्तर पर विकास की नई राह खुलेगी। इस मौके पर देसराज भगत, अमजद चौधरी, जितेंद्र सिंह, गुलाम रसूल, जान मोहम्मद, मुश्ताक अहमद, सनसार सिंह आदि मौजूद रहे।  
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें