प्रदेश में शहरी निकाय से पहले पंचायत चुनाव होंगे जिसके लिए चुनाव आयोग मतदाता सूची खुद तैयार करेगा और एसआईआर का इंतजार नहीं करेगा। मई तक अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद जुलाई-अगस्त में चुनाव संभव हैं, जिसमें अप्रैल में पंजीकृत मतदाता भी हिस्सा ले सकेंगे।
प्रदेश में शहरी निकाय से पहले पंचायत चुनाव होंगे। इसके लिए तैयारियां शुरू हो गई हैं। चुनाव आयोग आगामी तीन महीने में पंचायत चुनाव का पूरा प्रारूप तैयार कर लेगा। पंचायत चुनाव के लिए आयोग को विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का इंतजार करने की जरूरत नहीं होगी।
विज्ञापन
मतदाताओं की सूची आयोग खुद तैयार करेगा और इसका रिकॉर्ड राष्ट्रीय सूचना केंद्र (एनआईसी) उपलब्ध करवाएगा। चुनाव आयोग ने इसके लिए 25 मार्च तक की मोहलत दी है। रिकॉर्ड के माध्यम से ग्रामीण इलाकों के मतदाताओं का आंकड़ा सामने होगा। इसके बाद इसे प्रकाशित करने और इसमें संशोधन की औपचारिकताएं पूरी होंगी। मई तक चुनाव आयोग इस प्रक्रिया को पूरा करेगा व मतदाताओं की अंतिम सूची प्रकाशित कर दी जाएगी। चुनाव आयोग ने अप्रैल में पंजीकृत होने वाले मतदाताओं को भी पंचायत चुनाव में हिस्सा लेने का मौका देने का फैसला किया है।
आयोग की यह प्रक्रिया तय समय पर पूरी होती है तो प्रदेश में जुलाई-अगस्त में पंचायत चुनाव हो सकते हैं। हालांकि चुनाव आयोग की प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुनाव की तारीख का फैसला केंद्र और प्रदेश सरकार को मिलकर करना होगा। चुनाव आयोग प्रक्रिया की रिपोर्ट प्रदेश सरकार को सौंपेगा। सरकार इस रिपोर्ट को गृह मंत्रालय को भेजेगी।
विज्ञापन
शहरी निकाय में एसआईआर के बाद होंगे चुनाव :
आयोग ने शहरी निकाय चुनाव को एसआईआर पूरा होने तक टालने का फैसला किया है। शहरी निकाय में एससी, एसटी, ओबीसी व महिला आरक्षण भी एसआईआर के बाद ही तय किए जाएंगे। ऐसे में चुनाव और इसके साथ शुरू हुए विवादों पर भी अब विराम लग गया है।
पंचायत चुनाव के लिए आयोग मतदाता सूची तैयार करेगा। शहरी निकाय चुनाव के लिए एसआईआर का इंतजार किया जाएगा। एसआईआर के बाद मतदाता सूची बनकर तैयार हो जाएगी। शहरी निकाय में विधानसभा की मतदाता सूची का इस्तेमाल होता है। शहरी निकाय चुनाव में एसआईआर के बाद ही आरक्षण पर बात होगी। - शांतमनु, राज्य चुनाव आयुक्त